अपने
आलोचक कुलदीप नैयर की जब PM मोदी ने तारीफ से उन्हें कर दिया था चकित
वरिष्ठ
पत्रकार कुलदीप नैयर का बुधवार रात को 95 साल की उम्र में निधन हो गया. कुलदीप नैयर
काफी प्रतिष्ठित और सेकुलर नजरिए के पत्रकार रहे हैं. वह संघ-बीजेपी की राजनीतिक
विचारधारा के आलोचक रहे हैं. इसलिए गत जून माह में इमरजेंसी पर आयोजित एक
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने जब उनकी खूब तारीफ की तो वे चकित रह गए थे.
नैयर
इस उम्र तक भी सक्रिय थे और हाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी 'संपर्क फॉर समथर्न' कार्यक्रम के तहत उनसे मिलने गए थे.
पीएम मोदी ने नैयर के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए गुरुवार को ट्वीट किया कि देश
को बेहतर बनाने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें याद रखा जाएगा.
पीएम
ने कहा- नैयर को सलाम
गत 26 जून को आपातकाल की याद से जुड़े एक
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इमरजेंसी के खिलाफ खुलकर खड़े होने के लिए कुलदीप नैयर
और दिवंगत रामनाथ गोयनका की तारीफ की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था, 'उनके जैसे कई लोग हमारे समर्थक नहीं
रहे हैं. नैयर मेरे आलोचक रहे हैं. लेकिन वे लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़े हैं,
इसलिए मेरा उनको
सलाम है.'
इसके
बाद टेलीग्राफ अखबार से बातचीत में नैयर ने यह खुलकर स्वीकार किया था कि वे
नरेंद्र मोदी के प्रखर आलोचक हैं. अखबार से उन्होंने कहा था, 'इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है. यह
विचारधारा का मामला है. वह हिंदुत्व में यकीन करते हैं और मैं इसके खिलाफ हूं. मैं
बहुत गहराई से, गहराई
से, गहराई
से सेकुलर हूं.'
उन्होंने
मौजूदा हालात की तुलना इमरजेंसी के दौर से की थी. उन्होंने कहा था कि यह बात वह
मीडिया के हालात पर कह रहे हैं और मीडिया जिस तरह से प्रोपेगंडा को बढ़ावा दे रहा
है, उसकी
ओर उनका संकेत है.
अमित
शाह ने की थी मुलाकात
बीजेपी
अध्यक्ष अमित शाह ने 'संपर्क
फॉर समर्थन' कार्यक्रम
के तहत 9 जून
को कुलदीप नैयर से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद नैयर ने कहा था, 'हमारे विचार नहीं मिलते. हमारे विचार
अलग हैं. लेकिन आपस में हमने कई चीजों पर विचारों का आदान-प्रदान किया है.


