गौतम गंभीर ने साबित किया भावना से कर्त्तव्य श्रेष्ठ है
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मानवीय संवेदना का निर्झर हर इंसान में होता है। लेकिन क्रिकेटर श्री गौतम गंभीर ने सुकमा में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का आर्थिक भार उठाने की घोषणा करके साबित कर दिया है कि भावना से कत्र्तव्य श्रेष्ठ होता है। गौतम गंभीर ने कोलकाता मैच में अर्जित मैन आफ द मैच पुरस्कार शहीद परिवारों के बच्चों को समर्पित करने के साथ आने वाले समय में मिलने वाले पुरस्कारों की राशि भी भेंट करने की घोषणा करके अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
क्रिकेटर श्री गौतम गंभीर की मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित होकर शहीद के बच्चों के प्रति टीम के सदस्यों ने भी अपना कर्त्तव्य निर्वाह कर उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में तत्पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद जवानों के प्रति अपना कर्त्तव्य निर्वहन करते हुए आईएएस अधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस तरह के समर्पित जवानों, शहीद परिवारों के बच्चों की परवरिश करने का निश्चय लेकर मानवीय संवेदना का झरना खोल दिया है। शहीद परिवारों के बच्चों को गोद लेकर उनकी परवरिश को व्यक्तिगत दायित्व स्वीकार करके समाज में उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। समाज में इसकी अच्छी प्रतिक्रिया हुई है। सीमा की सुरक्षा में तत्पर जवानों के परिवारों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा का अहसास कराना वास्तव में सच्ची राष्ट्रसेवा है। सुरक्षाकर्मियों जवानों के प्रति समूचा राष्ट्र इसलिए श्रद्धावनत है कि वे देश की सुरक्षा में निशियाम डटे रहते है। उनकी इसी समर्पण भावना का कवच हमें निर्भय बनाता है। जब जब बर्फीली पहाड़ियों पर रात को जान हथेली पर रखकर समर्पित भाव से डंटे रहते है। हम चैन की नींद सोते है। यह परंपरा यथार्थ में वंदनीय है।
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मानवीय संवेदना का निर्झर हर इंसान में होता है। लेकिन क्रिकेटर श्री गौतम गंभीर ने सुकमा में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का आर्थिक भार उठाने की घोषणा करके साबित कर दिया है कि भावना से कत्र्तव्य श्रेष्ठ होता है। गौतम गंभीर ने कोलकाता मैच में अर्जित मैन आफ द मैच पुरस्कार शहीद परिवारों के बच्चों को समर्पित करने के साथ आने वाले समय में मिलने वाले पुरस्कारों की राशि भी भेंट करने की घोषणा करके अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
क्रिकेटर श्री गौतम गंभीर की मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित होकर शहीद के बच्चों के प्रति टीम के सदस्यों ने भी अपना कर्त्तव्य निर्वाह कर उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में तत्पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद जवानों के प्रति अपना कर्त्तव्य निर्वहन करते हुए आईएएस अधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस तरह के समर्पित जवानों, शहीद परिवारों के बच्चों की परवरिश करने का निश्चय लेकर मानवीय संवेदना का झरना खोल दिया है। शहीद परिवारों के बच्चों को गोद लेकर उनकी परवरिश को व्यक्तिगत दायित्व स्वीकार करके समाज में उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। समाज में इसकी अच्छी प्रतिक्रिया हुई है। सीमा की सुरक्षा में तत्पर जवानों के परिवारों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा का अहसास कराना वास्तव में सच्ची राष्ट्रसेवा है। सुरक्षाकर्मियों जवानों के प्रति समूचा राष्ट्र इसलिए श्रद्धावनत है कि वे देश की सुरक्षा में निशियाम डटे रहते है। उनकी इसी समर्पण भावना का कवच हमें निर्भय बनाता है। जब जब बर्फीली पहाड़ियों पर रात को जान हथेली पर रखकर समर्पित भाव से डंटे रहते है। हम चैन की नींद सोते है। यह परंपरा यथार्थ में वंदनीय है।

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