महाशिवरात्रि पर नर्मदा तट पर बहेगी भक्ति की गंगा
द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में तिलवाराघाट के समीप रमनगरा के नर्मदेश्वर मंदिर में 9 दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें शिवलिंग निर्माण के साथ रुद्राभिषेक एवं श्रीराम कथा होगी और भक्ति की गंगा बहेगी। कार्यक्रम में अपना सानिध्य प्रदान करने के लिए शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद का शहर आगमन हो चुका है। वह बगलामुखी मठ में रुके हैं। शंकराचार्य महाराज के साथ दंडी स्वामी अमृतानंद, शंकराचार्य के निज सचिव ब्रम्हचारी सुबुद्धानंद, ब्रम्हचारी रामानंद का भी आगमन हुआ है। शहर पहुंचने पर शंकराचार्य का स्वागत पूजन ब्रम्हचारी चैतन्यानंद महाराज ने किया।मठ के मीडिया प्रभारी मनोज सेन ने बताया कि महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ 16 फरवरी को होगा एवं 24 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। महोत्सव की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्राचीन नर्मदेश्वर मंदिर में यज्ञशाला, गौशाला के साथ शंकराचार्य कुटी का निर्माण किया गया है। महोत्सव में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण होगा। पूजन के साथ महारुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार से किया जाएगा। साथ ही शंभुशरण लाटा (कलकत्ता) द्वारा रामकथा सनाई जाएगी। लाटा का कल आगमन होगा। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठान में देश के अलग-अलग प्रांतों से साधु-संत एवं महात्माओं का भी आगमन हो रहा है।महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे विशेष कार्यक्रम में नौ दिनों तक रोजाना पूजा पाठ के साथ शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में तिलवाराघाट के समीप रमनगरा के नर्मदेश्वर मंदिर में 9 दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें शिवलिंग निर्माण के साथ रुद्राभिषेक एवं श्रीराम कथा होगी और भक्ति की गंगा बहेगी। कार्यक्रम में अपना सानिध्य प्रदान करने के लिए शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद का शहर आगमन हो चुका है। वह बगलामुखी मठ में रुके हैं। शंकराचार्य महाराज के साथ दंडी स्वामी अमृतानंद, शंकराचार्य के निज सचिव ब्रम्हचारी सुबुद्धानंद, ब्रम्हचारी रामानंद का भी आगमन हुआ है। शहर पहुंचने पर शंकराचार्य का स्वागत पूजन ब्रम्हचारी चैतन्यानंद महाराज ने किया।मठ के मीडिया प्रभारी मनोज सेन ने बताया कि महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ 16 फरवरी को होगा एवं 24 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। महोत्सव की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्राचीन नर्मदेश्वर मंदिर में यज्ञशाला, गौशाला के साथ शंकराचार्य कुटी का निर्माण किया गया है। महोत्सव में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण होगा। पूजन के साथ महारुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार से किया जाएगा। साथ ही शंभुशरण लाटा (कलकत्ता) द्वारा रामकथा सनाई जाएगी। लाटा का कल आगमन होगा। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठान में देश के अलग-अलग प्रांतों से साधु-संत एवं महात्माओं का भी आगमन हो रहा है।महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे विशेष कार्यक्रम में नौ दिनों तक रोजाना पूजा पाठ के साथ शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

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