Wednesday, 15 February 2017

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत विधायक प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत विधायक प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने आज यहां पचमढ़ी में विधायक प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ करते हुए कहा कि काम में निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। दुनिया में कोई भी क्षेत्र हो सतत अभ्यास करने से उस काम की दक्षता में और निखार आता है चाहे खिलाड़ी हो, गायक हो, प्रशासनिक अधिकारी हो अथवा राजनेता हो, सभी को और अच्छा करने के लिए अभ्यास करना होता है। उन्होंने कहा कि अभ्यास की आवश्यकता इसलिए है कि मनुष्य के भीतर अनंत संभावनाएं छिपी हुई है, और हमारे अंदर जो संभावनाएं छिपी हैं प्रशिक्षण से बाहर निकलती हैं। जीवन में अच्छा करने की कोई अंतिम सीमा नहीं है, इसलिए अच्छे से अच्छा करने के लिए हमें निरंतर कठोर प्रशिक्षण करना चाहिए। शुभारंभ समारोह के मंच पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा, पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सुहास भगत और महामंत्री श्री अजय प्रताप सिंह मौजूद थे।श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि हम सब को पता है कि जनता के बीच काम कैसे करना है। हमारे किन अच्छे कामों से हमारा जनसमर्थन बढ़ता है। फिर भी सफलता को द्विगणित करने के लिए हमें यह निरंतर विचार करना होता है कि सदन में, समाज में, विकास में कार्यकर्ता के साथ व्यवहार में, हमारी भूमिका का और परिष्करण कैसे हो ? हमें निरंतर चिंतन करना चाहिए कि किसी भी एक पहलू पर कोई उदासीनता नहीं रहे, क्योंकि विकास के साथ-साथ जनता और कार्यकर्ता के साथ व्यवहार के स्तर पर भी हमारा कौशल हमारी आत्मीयता और हमारा अपनत्व संगठन की ताकत को बढ़ाता है, इसलिए जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वह सदैव कार्यकर्ता के सुख-दुख में, जनता के कल्याण में सक्रिय भागीदारी रखें। उन्होंने कहा कि जनता के साथ सरकार और कार्यकर्ता से व्यवहार यह हमारी पूंजी है। हमें अत्यंत व्यस्तता के बावजूद वक्त निकालकर उनके लिए काम करना है। उनकी बात को तसल्ली से सुनना है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री कैलाश जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि श्री कैलाश जोशी अधिकांश समय तक विधायक रहे, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। इस कारण से सरकार ने उनके क्षेत्र के तमाम विकास कार्यों को रोकने के प्रयत्न भी किए, लेकिन श्री कैलाश जोशी निरंतर चुनाव जीतते रहे। उन्होंने अपने क्षेत्र बागली की जनता के साथ निरंतर संवाद रखा और कार्यकर्ता की सतत चिंता की। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं से हमें यह सीखना चाहिए कि अपने खाते में लोकप्रियता निरंतर बढ़ती रहे। आत्म विश्लेषण में चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रभारी मंत्रियों से भी आग्रह किया कि वे अपने प्रभार के जिलों में निरंतर प्रवास करें।

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