मन की बात में पीएम ने इसरो को सराहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) को 104 सैटेलाइट एकसाथ अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रयास के लिए हम वैज्ञानिकों और उनकी पूरी टीम को जितनी बधाइयाँ दें उतनी कम हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सारे अभियान का नेतृत्व, हमारे युवा वैज्ञानिक, हमारी महिला वैज्ञानिकों ने किया है। युवाओं और महिलाओं की इतनी ज़बरदस्त भागीदारी इसरो की सफलता में एक बड़ा गौरवपूर्ण पहलू है। वह देशवासियों की तरफ़ से इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मंगल ग्रह पर 'मार्स मिशन' 'मंगलयान' भेजने की कामयाबी के बाद, अभी पिछले दिनों इसरो ने अन्तरिक्ष के क्षेत्र में एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। 15 फ़रवरी 2017 भारत के जीवन में गौरवपूर्ण दिवस है। हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊँचा किया है। इसरो ने मेगा मिशन के ज़रिये एक साथ विभिन्न देशों, जिसमें अमेरिका, इज़राइल, कज़ाकस्तान, नीदरलैंड, स्विट्ज़रलैंड, यू.ए.ई. और भारत भी, 104 सैटेलाइटस अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक लॉच किए हैं। एक-साथ 104 सैटेलाइट को अन्तरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया।'' उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि यह लगातार 38वाँ पीएसएलवी का सफल लॉच है। यह न केवल इसरो के लिये बल्कि पूरे भारत के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसरो का यह सस्ता एवं कुशल अंतरिक्ष कार्यक्रम सारी दुनिया के लिये एक अजूबा बन गया है और विश्व ने खुले मन से भारत के वैज्ञानिकों की सफलता को सराहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने इसरो द्वारा छोड़े गए भारत के सैटेलाइट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कार्टोसेट 2डी के माध्यम से खींची हुई तस्वीरों, संसाधनों की मैपिंग, ढांचागत जानकारी, विकास का आकलन, शहरी विकास की योजना बनाने में बहुत मदद मिलेगी। ख़ास कर किसान भाई-बहनों के लिए देश के सभी जल स्रोत में कितना जल है और उसका उपयोग कैसे हो सकता है, क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए इन सारे विषयों पर सेटलाइट बहुत मदद करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) को 104 सैटेलाइट एकसाथ अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रयास के लिए हम वैज्ञानिकों और उनकी पूरी टीम को जितनी बधाइयाँ दें उतनी कम हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सारे अभियान का नेतृत्व, हमारे युवा वैज्ञानिक, हमारी महिला वैज्ञानिकों ने किया है। युवाओं और महिलाओं की इतनी ज़बरदस्त भागीदारी इसरो की सफलता में एक बड़ा गौरवपूर्ण पहलू है। वह देशवासियों की तरफ़ से इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मंगल ग्रह पर 'मार्स मिशन' 'मंगलयान' भेजने की कामयाबी के बाद, अभी पिछले दिनों इसरो ने अन्तरिक्ष के क्षेत्र में एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। 15 फ़रवरी 2017 भारत के जीवन में गौरवपूर्ण दिवस है। हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊँचा किया है। इसरो ने मेगा मिशन के ज़रिये एक साथ विभिन्न देशों, जिसमें अमेरिका, इज़राइल, कज़ाकस्तान, नीदरलैंड, स्विट्ज़रलैंड, यू.ए.ई. और भारत भी, 104 सैटेलाइटस अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक लॉच किए हैं। एक-साथ 104 सैटेलाइट को अन्तरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया।'' उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि यह लगातार 38वाँ पीएसएलवी का सफल लॉच है। यह न केवल इसरो के लिये बल्कि पूरे भारत के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसरो का यह सस्ता एवं कुशल अंतरिक्ष कार्यक्रम सारी दुनिया के लिये एक अजूबा बन गया है और विश्व ने खुले मन से भारत के वैज्ञानिकों की सफलता को सराहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने इसरो द्वारा छोड़े गए भारत के सैटेलाइट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कार्टोसेट 2डी के माध्यम से खींची हुई तस्वीरों, संसाधनों की मैपिंग, ढांचागत जानकारी, विकास का आकलन, शहरी विकास की योजना बनाने में बहुत मदद मिलेगी। ख़ास कर किसान भाई-बहनों के लिए देश के सभी जल स्रोत में कितना जल है और उसका उपयोग कैसे हो सकता है, क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए इन सारे विषयों पर सेटलाइट बहुत मदद करेगा।

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