व्हाट्सएप पर प्राइवेसी खत्म
चर्चित मैसेंजिंग सेवा व्हाट्सएप की प्राइवेसी आज रात से खत्म हो जाएगी। 26 सितंबर से ग्राहकों की हर जानकारी फेसबुक से साझा होगी। गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 सितंबर को एक महत्वपूर्ण फैसले में चर्चित मैसेजिंग साफ्टवेयर व्हाट्सएप पर 25 सितंबर तक फेसबुक के साथ उपयोगकर्ताओं की जानकारियां साझा करने पर रोक लगा दी थी। इस तारीख से एप की निजता की नई नीति लागू हो गई है। उपयोगर्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने व्हाट्सएप को उन लोगों की जानकारी और डाटा मिटाने को कहा जो 25 सितंबर से पहले सेवा नहीं लेने का फैसला करें। पीठ ने कहा कि ऐसे लोगों की जानकारियां फेसबुक या इसकी समूह कंपनियों के साथ साझा नहीं की जाएं।हाईकोर्ट ने इंपीरियल कॉलेज, लंदन की छात्रा करमान्या सिंह सरीन और एमिटी विश्वविद्यालय की विधि छात्रा श्रेया सेठी द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए ये निर्देश दिए। जिसमें इसकी निजता की नई नीति को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने पंद्रह पेज के फैसले में, केंद्र और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को निर्देश दिया था कि व्हाट्सएप जैसे इंटरनेट मैसेजिंग एप के संचालन को वैधानिक नियामक ढांचे के अंतर्गत लाने की व्यवहार्यता पर गौर किया जाए।
फेसबुक उन लोगों के नंबर देख सकता है जिस नंबर से आपने व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है। हालांकि, व्हाट्एस का दावा है कि यूजर्स के मैसेज कोई तीसरा व्यक्ति नहीं पढ़ पाएगा।यूजर्स की चिंता है कि व्हाट्सएप नंबर के साथ उनके मैसेज भी शेयर कर सकता है, इससे उनकी प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है।व्हाट्एस ने कोर्ट में बताया था कि यदि कोई मैसेज रिसीवर को मिल जाता है तो वह उसे अपने सर्वर से हटा देती है और अगर मैसेज डिलीवर नहीं हो पाता है तो वह इसे अपने सर्वर पर 30 दिन तक रखती है।याचिकाकर्ताओं ने कहा व्हाट्सएप ने हलफनामे में दावा किया है कि वह मैसेज नहीं रखता, यही कंपनी के जवाब का विरोधाभास है कि वह परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए मैसेज को लंबे समय तक रख सकती है।
चर्चित मैसेंजिंग सेवा व्हाट्सएप की प्राइवेसी आज रात से खत्म हो जाएगी। 26 सितंबर से ग्राहकों की हर जानकारी फेसबुक से साझा होगी। गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 सितंबर को एक महत्वपूर्ण फैसले में चर्चित मैसेजिंग साफ्टवेयर व्हाट्सएप पर 25 सितंबर तक फेसबुक के साथ उपयोगकर्ताओं की जानकारियां साझा करने पर रोक लगा दी थी। इस तारीख से एप की निजता की नई नीति लागू हो गई है। उपयोगर्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने व्हाट्सएप को उन लोगों की जानकारी और डाटा मिटाने को कहा जो 25 सितंबर से पहले सेवा नहीं लेने का फैसला करें। पीठ ने कहा कि ऐसे लोगों की जानकारियां फेसबुक या इसकी समूह कंपनियों के साथ साझा नहीं की जाएं।हाईकोर्ट ने इंपीरियल कॉलेज, लंदन की छात्रा करमान्या सिंह सरीन और एमिटी विश्वविद्यालय की विधि छात्रा श्रेया सेठी द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए ये निर्देश दिए। जिसमें इसकी निजता की नई नीति को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने पंद्रह पेज के फैसले में, केंद्र और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को निर्देश दिया था कि व्हाट्सएप जैसे इंटरनेट मैसेजिंग एप के संचालन को वैधानिक नियामक ढांचे के अंतर्गत लाने की व्यवहार्यता पर गौर किया जाए।
फेसबुक उन लोगों के नंबर देख सकता है जिस नंबर से आपने व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है। हालांकि, व्हाट्एस का दावा है कि यूजर्स के मैसेज कोई तीसरा व्यक्ति नहीं पढ़ पाएगा।यूजर्स की चिंता है कि व्हाट्सएप नंबर के साथ उनके मैसेज भी शेयर कर सकता है, इससे उनकी प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है।व्हाट्एस ने कोर्ट में बताया था कि यदि कोई मैसेज रिसीवर को मिल जाता है तो वह उसे अपने सर्वर से हटा देती है और अगर मैसेज डिलीवर नहीं हो पाता है तो वह इसे अपने सर्वर पर 30 दिन तक रखती है।याचिकाकर्ताओं ने कहा व्हाट्सएप ने हलफनामे में दावा किया है कि वह मैसेज नहीं रखता, यही कंपनी के जवाब का विरोधाभास है कि वह परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए मैसेज को लंबे समय तक रख सकती है।

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