17 SOLDIERS के शहीद होने पर राष्ट्रीय शोक घोषित हो : कपिल मिश्रा
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर रविवार को हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए इस हमले में 17 जवानों के शहीद होने पर राष्ट्रीय शोक घोषित करने की मांग की है।
दिल्ली के जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा ने रविवार को ट्वीट करके कहा, 'एक राजनेता की मृत्यु होती है। हम शोक मनाते हैं। तिरंगा झुकाया जाता है। आज 26 सालों में पहली बार एक साथ इतने सैनिक शहीद हुए हैं। राष्ट्रीय शोक घोषित होना चाहिेए। सम्मान में तिरंगा भी झुकाया जाना चाहिए।'एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है- 'क्या इस हमले और इतने सारे सैनिकों की शहादत के लिए कोई जिम्मेदारी तय होगी। क्या बयान बहादुर रक्षा मंत्री अभी भी कुर्सी से चिपके रहेंगे?'कपिल मिश्रा ने लिखा है- 'यह कोई आतंकी हमला नहीं है, बल्कि यह भारत के खिलाफ युद्ध है। दुश्मनों को घर में घुसकर मारने का समय है। युद्ध का घोष जरूरी है। देखते हैं कब युद्ध घोषित होता है। जम्मू कश्मीर में शहीद हुए सैनिको को प्रणाम। दुःखद। बदला लेना ही होगा। जिन्होंने ये हमला करवाया है उनका समूल नाश करने का वक़्त आ गया है। निंदा, कड़ी निंदा, कठोर निंदा, कड़े से कड़े शब्दों में निंदा, निंदनीय निंदा। ये एनडीए सरकार या निंदा सरकार है। देश साथ है, कुछ कर के दिखाओ।'इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हमले में शहीद जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे।वहीं मनीष सिसोदिया ने रविवार को ट्वीट करके कहा, “संकट की घडी है, अभी का बेहतरीन समाधान सेना के पास है। लेकिन डिप्लोमेसी की खतरनाक असफलता की ज़िम्मेदारी किसी को लेनी चाहिए। देश के रक्षा मंत्री, रक्षा सलाहकार, पीएमओ व् तमाम खुफिया तंत्र जिस तरह विपक्षी राज्य सरकारों को कमज़ोर करने में लगाए गए हैं उसकी समीक्षा हो।“
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर रविवार को हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए इस हमले में 17 जवानों के शहीद होने पर राष्ट्रीय शोक घोषित करने की मांग की है।
दिल्ली के जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा ने रविवार को ट्वीट करके कहा, 'एक राजनेता की मृत्यु होती है। हम शोक मनाते हैं। तिरंगा झुकाया जाता है। आज 26 सालों में पहली बार एक साथ इतने सैनिक शहीद हुए हैं। राष्ट्रीय शोक घोषित होना चाहिेए। सम्मान में तिरंगा भी झुकाया जाना चाहिए।'एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है- 'क्या इस हमले और इतने सारे सैनिकों की शहादत के लिए कोई जिम्मेदारी तय होगी। क्या बयान बहादुर रक्षा मंत्री अभी भी कुर्सी से चिपके रहेंगे?'कपिल मिश्रा ने लिखा है- 'यह कोई आतंकी हमला नहीं है, बल्कि यह भारत के खिलाफ युद्ध है। दुश्मनों को घर में घुसकर मारने का समय है। युद्ध का घोष जरूरी है। देखते हैं कब युद्ध घोषित होता है। जम्मू कश्मीर में शहीद हुए सैनिको को प्रणाम। दुःखद। बदला लेना ही होगा। जिन्होंने ये हमला करवाया है उनका समूल नाश करने का वक़्त आ गया है। निंदा, कड़ी निंदा, कठोर निंदा, कड़े से कड़े शब्दों में निंदा, निंदनीय निंदा। ये एनडीए सरकार या निंदा सरकार है। देश साथ है, कुछ कर के दिखाओ।'इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हमले में शहीद जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे।वहीं मनीष सिसोदिया ने रविवार को ट्वीट करके कहा, “संकट की घडी है, अभी का बेहतरीन समाधान सेना के पास है। लेकिन डिप्लोमेसी की खतरनाक असफलता की ज़िम्मेदारी किसी को लेनी चाहिए। देश के रक्षा मंत्री, रक्षा सलाहकार, पीएमओ व् तमाम खुफिया तंत्र जिस तरह विपक्षी राज्य सरकारों को कमज़ोर करने में लगाए गए हैं उसकी समीक्षा हो।“
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