आम सहमति से GST पास होना लोकतंत्र की जीत: JETLI MAMTA BANARJI ने किया स्वागत
राज्य सभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक के पारित
होने पर खुशी जताते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने गुरूवार को कहा कि
जीएसटी का सभी राजनीतिक दलों की आम सहमति से पास होना लोकतंत्र की जीत है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी पर आमराय बनाना मुश्किल काम था लेकिन सरकार ने दो
साल में सबसे सलाह मशविरा किया और सभी के विचार सुने।राजधानी दिल्ली में संवादाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधेयक
के मूल सिद्धांत के साथ समझौता नहीं किया गया इसलिए बिना किसी विरोध के
जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक पास हो गया और अब इसे लोकसभा में भेजा गया
है।उन्होंने कहा कि जीएसटी को जल्द लागू करने की कोशिश होगी। इसको लागू
करने की समय सीमा 01 अप्रैल, 2017 रखी गई है। हम कोशिश करेंगे कि लक्ष्य
पूरा किया जा सके। जेटली ने कहा कि जनता भी चाहती थी कि देश में एक ही
टैक्स हो। समान कर व्यवस्था से देश में विकास होगा और व्यापार करना आसान
होगा। इसके साथ ही कीमतों में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी का
फायदा बड़ी संख्या में व्यापारियों और नागरिकों को होगा।वित्त मंत्री
ने यह भी कहा कि जीएसटी समान टैक्स की दिशा में अहम कदम है। इससे भविष्य
में टैक्स रेट कम होंगे। टैक्स रेट नीचे आने से देश में कई चीजों के दाम कम
होंगे। इससे लागू होने के बाद देश में व्यापार करना भी आसान होगा। इससे
काले धन के जांच में भी भी मदद मिलेगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)विधेयक के पारित होने पर खुशी जताते
हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) वर्ष 2009 से ही देश भर में एक कर
प्रणाली का लगातार समर्थन करती रही है। सुश्री बनर्जी ने आशा व्यक्त की कि
जीएसटी से सूक्ष्म एवं लघु कारोबारियों को राहत मिलेगी और वे राज्यों के
नियंत्रण में रहेंगे। उन्होंने ट्वीट कर कहा, हमने जीएसटी के विचारों और
क्रियान्वयन का लगातार समर्थन किया है।उचित संविधान संशोधन विधेयक पारित
हुआ है। उन्होंने कहा, नवंबर में अब जीएसटी में, सभी राज्य चाहते हैं कि
सूक्ष्म और लघु कारोबारियों को राहत मिले जिसका एकल नियंत्रण राज्यों के
हाथों में है।

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