Friday, 5 August 2016

सार्क सम्मेलन में राजनाथ, आतंकियों को शहीद न बताएं

सार्क सम्मेलन में राजनाथ, आतंकियों को शहीद न बताएं

भारत ने पाकिस्तान से गुरुवार को दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी देश को न तो आतंकवादियों को ''शहीद'' बताके उसका महिमामंडन करना चाहिए और न ही उसे संरक्षण देना चाहिए क्योंकि एक देश का आतंकी दूसरे देश के लिए ''स्वतंत्रता सैनानी'' नहीं हो सकता। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामाबाद मेंदक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद इस क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए एक बड़ा ख़तरा बन चुका है, विशेषकर दक्षिण एशिया में जहां पठानकोट, ढाका और काबुल जैसे आतंकी हमले हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में राजनाथ सिंह का यह वक्तव्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान में शरण पा रहे आतंकवादी गुट और कश्मीरी अलगाववादी पिछले कुछ सप्ताहों से हिज़्बुल आतंकी बुरहान वानी के कश्मीर में सुरक्षा बालों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद आंसू बहा रहे हैं और वानी को ''शहीद'' का दर्जा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की निंदा कर देना ही काफी नहीं है बल्कि इसको जड़ से उखाड़ने के लिए दृढ़ संकल्प और कड़े क़दमों की आवश्यकता है। आतंकी बुरहान वानी की मृत्यु को लेकर कश्मीर घाटी में पिछले कई हफ़्तों से हालात बिगड़े हुए हैं। पाकिस्तान में भी इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह की यात्रा के विरोध में भारी प्रदर्शन हुए। पाकिस्तान को उसी की धरती पर खरी-खोटी सुनाते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, आतकियों का महिमामंडन नहीं होना चाहिए। आतंकवादी को शहीद न बताया जाए। एक देश का आतंकवादी किसी दूसरे देश के लिए ''शहीद या स्वतंत्रता सैनानी'' नहीं हो सकता। उन्होंने कहा वह केवल भारत या सार्क की ओर से नहीं बल्कि समस्त मानवता की ओर से आग्रह कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार से एक आतंकवादी को ''शहीद'' न बताया जाए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग से परिलक्षित होता है इसलिए हमें साइबर अपराध के सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आपराधिक मामलों को रोकने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए सार्क कन्वेंशन की पुष्टि करने पर ज़ोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि '' आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता। आतंकवाद केवल आतंकवाद है इसलिए केवल आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि उन सब देशों, संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़े क़दम उठाने चाहिए जो आतंकवाद को पनपने में सहायता करते हैं। "। राजनाथ सिंह ने कहा कि जो आतंकवाद को प्रोत्साहन, संरक्षण या किसी प्रकार की सहायता दे रहे हैं, उन्हें अलग-थलग किया जाना चाहिए और उन देशों, संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जो आतंकवाद को सहायता या संरक्षण दे रहे हैं तभी मुम्बई और पठानकोट जैसे आतंकी हमलों में मारे गए व्यक्तियों के साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा दक्षिण एशिया में विकास, आपसी सहयोग और शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है कि ऐसी घटनाएं न हों जिनसे पूरे क्षेत्र की शांति या स्थिरता को कोई ख़तरा पहुंचे।

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