RAIGARH BRIDGE हादसे में सर्च ऑपरेशन जारी,लोग अपनों को तलाश रहे, मंत्री महोदय सेल्फी ले रहे
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मुंबई-गोवा राजमार्ग पर महाड़ के निकट कल देर रात एक पुराना पुल गिर जाने से कोंकण इलाके की उफनती सावित्री नदी में पुल हादसे के बाद सर्च आपरेशन के दौरान अबतक तीन और शव को निकाला गया है। कल दो शव को बरामद किया गया है। इस तरह अबतक इस सर्च ऑपरेशन में कुल पांच शव बरामद किए गए हैं। गौर हो कि मुंबई-गोवा राजमार्ग पर महाड़ के नजदीक रात एक पुराना पुल गिर जाने से कोंकण इलाके की उफनती सावित्री नदी में सार्वजनिक परिवहन की दो बसें बह गईं थी जिसके बाद से कम से कम 22 लोग लापता हैं।लापता लोगों की खोज के लिए नेवी और एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों को भी लगाया गया है। 28 समुद्री कमांडो, एनडीआरएफ से 100 से अधिक जवानों और तटरक्षक बल से 25 जवानों को इस खोज एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। स्थानीय गोताखोर और राफ्टर भी इस व्यापक अभियान में शामिल हो गए हैं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस घटना में किसी के जीवित होने की बहुत ही कम संभावना है, ‘लेकिन हम अपने प्रयास जारी रखेंगे।’कल जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घटनास्थल का मुआयना करने गए थे. हादसे में न जाने कितने परिवार उजड़ गए लेकिन PWD मंत्री महोदय सेल्फी लेने में व्यस्त थे. लोगों पर दुखों का पहाड़ टूटा है लेकिन मंत्री जी को सेल्फी लेने से ही फुर्सत नहीं हैआज तो एक मंत्री महोदय ने हद ही कर दी. मीडिया हादसे के बाद राहत और बचाव की पल-पल की जानकारी लापता हुए लोगों के परिजनों तक पहुंचाने में लगा है. लेकिन महाराष्ट्र के मंत्री प्रकाश मेहता का कहना है कि मीडिया ये सब टीआरपी के लिए कर रहा है.तलाशी अभियान के बारे सवाल पूछने पर प्रकाश मेहता भड़क गए और पत्रकारों से बदसलूकी की और पार्टी कार्यकर्ताओं से पत्रकार को सबक सिखाने के लिए कहा. अब ये बताने की जरूरत नहीं है कि पुल हादसे को लेकर राज्य सरकार कितनी संजीदा है.नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने मई में पुल का मुआयना किया था और कहा था कि पुल सुरक्षित है. इसके बावजूद ये हादसा हो गया. सवाल उठ रहे हैं कि किसकी लापरवाही से ये हादसा हुआ है. सीधे तौर पर कटघरे में नेशनल हाइवे अथॉरिटी है साथ ही महाराष्ट्र सरकार भी.
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मुंबई-गोवा राजमार्ग पर महाड़ के निकट कल देर रात एक पुराना पुल गिर जाने से कोंकण इलाके की उफनती सावित्री नदी में पुल हादसे के बाद सर्च आपरेशन के दौरान अबतक तीन और शव को निकाला गया है। कल दो शव को बरामद किया गया है। इस तरह अबतक इस सर्च ऑपरेशन में कुल पांच शव बरामद किए गए हैं। गौर हो कि मुंबई-गोवा राजमार्ग पर महाड़ के नजदीक रात एक पुराना पुल गिर जाने से कोंकण इलाके की उफनती सावित्री नदी में सार्वजनिक परिवहन की दो बसें बह गईं थी जिसके बाद से कम से कम 22 लोग लापता हैं।लापता लोगों की खोज के लिए नेवी और एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों को भी लगाया गया है। 28 समुद्री कमांडो, एनडीआरएफ से 100 से अधिक जवानों और तटरक्षक बल से 25 जवानों को इस खोज एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। स्थानीय गोताखोर और राफ्टर भी इस व्यापक अभियान में शामिल हो गए हैं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस घटना में किसी के जीवित होने की बहुत ही कम संभावना है, ‘लेकिन हम अपने प्रयास जारी रखेंगे।’कल जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घटनास्थल का मुआयना करने गए थे. हादसे में न जाने कितने परिवार उजड़ गए लेकिन PWD मंत्री महोदय सेल्फी लेने में व्यस्त थे. लोगों पर दुखों का पहाड़ टूटा है लेकिन मंत्री जी को सेल्फी लेने से ही फुर्सत नहीं हैआज तो एक मंत्री महोदय ने हद ही कर दी. मीडिया हादसे के बाद राहत और बचाव की पल-पल की जानकारी लापता हुए लोगों के परिजनों तक पहुंचाने में लगा है. लेकिन महाराष्ट्र के मंत्री प्रकाश मेहता का कहना है कि मीडिया ये सब टीआरपी के लिए कर रहा है.तलाशी अभियान के बारे सवाल पूछने पर प्रकाश मेहता भड़क गए और पत्रकारों से बदसलूकी की और पार्टी कार्यकर्ताओं से पत्रकार को सबक सिखाने के लिए कहा. अब ये बताने की जरूरत नहीं है कि पुल हादसे को लेकर राज्य सरकार कितनी संजीदा है.नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने मई में पुल का मुआयना किया था और कहा था कि पुल सुरक्षित है. इसके बावजूद ये हादसा हो गया. सवाल उठ रहे हैं कि किसकी लापरवाही से ये हादसा हुआ है. सीधे तौर पर कटघरे में नेशनल हाइवे अथॉरिटी है साथ ही महाराष्ट्र सरकार भी.
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