करोड़पति महिला, और बेचती हैं छोले कुलचे, जज़्बे को सलाम
दिल्ली से सटे गुड़गांव के ओल्ड दिल्ली रोड के पास से गुज़रते हुए आपको रेहड़ी पर छोले- कुलचे और पराठे बनाती हुई महिला दिखाई देंगी. इस रेहड़ी पर रोज कई लोग छोले- कुलचे का स्वाद चखने आते हैं. यहां के छोले कुलचे जितने खास हैं उतनी ही खास हैं इसे बनाने वाली उर्वशी. उर्वशी करोड़पति हैं लेकिन अपने पति की बीमारी और घर की जिम्मेदारी के चलते सड़क किनारे छोले कुल्चे बेच रहीं हैं.उर्वशी के पति एक निजी कंपनी में मैनेजर थे लेकिन बीमार होने के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी, और वो अब घर पर ही रहते हैं. उवर्शी पति के इलाज के लिए ये रहड़ी चलाती हैं. उर्वशी ज्वाइंट फैमिली में रहती हैं और इनके ससुर इंडियन एयरफोर्स से विंग कमांडर के पद से रिटायर हुए हैं. उर्वशी अब अपनी इस छोटी सी पहल से अपने परिवार की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं.फर्राटेदार इंग्लिश बोलने वाली उर्वशी के पास ग्रेजुएशन की डिग्री है. उर्वशी कहती हैं कि कम पैसे की लागत से छोले कुल्चे का व्यवसाय शुरु हो जाता है. साथ ही उन्हें खाना बनाना पसंद है. ऐसे में उन्होंने छोले कुल्चे बेचना शुरु किया. उर्वशी के मुताबिक पूरे दिन में वो दो से तीन हजार रूपए का कारोबार करती हैं, जिससे उनके परिवार का खर्चा चल जाता है. और जो पैसे पहले से उनके पास बचे हैं उसे वो पति के इलाज पर खर्च करती हैं. बेहद मजबूत इरादों वाली उर्वशी का सपना है कि एक दिन वो अपना रेस्टोरेंट खोलें.आज के समय में जहां साइबरसिटी की चकाचौंध में फंसे परिवारों में रिश्तों के कत्ल होने की खबर सुर्खियों में रहती है. वहीं उर्वशी भारतीय पत्नी होने की एक मिसाल पेश कर रही है. रेहड़ी पर आने वाले जिस शख्स को इनकी कहानी के बारे में पता चलता है वो उर्वशी के जज़्बे को सलाम करता है.
दिल्ली से सटे गुड़गांव के ओल्ड दिल्ली रोड के पास से गुज़रते हुए आपको रेहड़ी पर छोले- कुलचे और पराठे बनाती हुई महिला दिखाई देंगी. इस रेहड़ी पर रोज कई लोग छोले- कुलचे का स्वाद चखने आते हैं. यहां के छोले कुलचे जितने खास हैं उतनी ही खास हैं इसे बनाने वाली उर्वशी. उर्वशी करोड़पति हैं लेकिन अपने पति की बीमारी और घर की जिम्मेदारी के चलते सड़क किनारे छोले कुल्चे बेच रहीं हैं.उर्वशी के पति एक निजी कंपनी में मैनेजर थे लेकिन बीमार होने के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी, और वो अब घर पर ही रहते हैं. उवर्शी पति के इलाज के लिए ये रहड़ी चलाती हैं. उर्वशी ज्वाइंट फैमिली में रहती हैं और इनके ससुर इंडियन एयरफोर्स से विंग कमांडर के पद से रिटायर हुए हैं. उर्वशी अब अपनी इस छोटी सी पहल से अपने परिवार की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं.फर्राटेदार इंग्लिश बोलने वाली उर्वशी के पास ग्रेजुएशन की डिग्री है. उर्वशी कहती हैं कि कम पैसे की लागत से छोले कुल्चे का व्यवसाय शुरु हो जाता है. साथ ही उन्हें खाना बनाना पसंद है. ऐसे में उन्होंने छोले कुल्चे बेचना शुरु किया. उर्वशी के मुताबिक पूरे दिन में वो दो से तीन हजार रूपए का कारोबार करती हैं, जिससे उनके परिवार का खर्चा चल जाता है. और जो पैसे पहले से उनके पास बचे हैं उसे वो पति के इलाज पर खर्च करती हैं. बेहद मजबूत इरादों वाली उर्वशी का सपना है कि एक दिन वो अपना रेस्टोरेंट खोलें.आज के समय में जहां साइबरसिटी की चकाचौंध में फंसे परिवारों में रिश्तों के कत्ल होने की खबर सुर्खियों में रहती है. वहीं उर्वशी भारतीय पत्नी होने की एक मिसाल पेश कर रही है. रेहड़ी पर आने वाले जिस शख्स को इनकी कहानी के बारे में पता चलता है वो उर्वशी के जज़्बे को सलाम करता है.
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