RBI GOVERNOR के नाम की सिफारिश का जिम्मा सर्च कमेटी को
सरकार ने लोकसभा को जानकारी दी है कि कैबिनेट सचिव की अगुवाई वाली एक कमेटी रिजर्व बैंक गवर्नर के नाम की सिफारिश करेगी. हालांकि बाद में उच्च पदस्थ सूत्रों ने स्पष्ट किया कि कमेटी की सिफारिश मानना या नहीं मानना सरकार का विशेषाधिकार है और इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय वित्त मंत्री की सिफाऱिश के आधार पर करेगा.अभी ये स्पष्ट नहीं है कि रिजर्व बैंक के नए गवर्नर को लेकर कमेटी वाली प्रक्रिया अपनायी जाएगी या नहीं. ध्यान रहे कि रिजर्व बैंक के मौजूदा गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितम्बर को खत्म होना है. सरकार का कहना है कि उचित समय आने पर राजन के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर दिया.लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने लिखित में जानकारी दी कि मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति यानी एसीसी ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और डिप्टी गवर्नर समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न रेग्युलेटरी एजेंसी के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की सिफाऱिश देने के लिए फाइनेंशियल सेक्टर रेग्युलेटरी अपाइंटमेंट सर्च कमेटी (एफएसआरएएससी) के गठन पर हरी झंडी जता दी है. इस कमेटी के मुखिया कैबिनेट सेक्रेटरी होंगे जबकि प्रधानमंत्री के अपर प्रधान सचिव, आर्थिक कार्य विभाग या वित्त सेवाएं विभाग के सचिव (जरूरत के मुताबिक), संबंधित रेग्युलेटरी अथॉरिटी के अध्यक्ष और तीन बाहरी विशेषज्ञ सदस्य होंगे.उधर, मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने जवाब दिया कि रिजर्व बैंक के गवर्नर और चार डिप्टी गवर्नर की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है. उप -गवर्नरों की नियुक्ति एसीसी के दिशआनिर्देशे के मुताबिक होती है और इस बारे में एक सर्च कमेटी नाम की सिफारिश करती है. वहीं जवाब में आगे बताया गया कि गवर्नर की नियुक्ति का अनुमोदन वित्त मंत्री की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किया जाता है.सरकार ने ये भी साफ कि उप-गवर्नरों की नियुक्ति संबंधी एसीसी दिशानिर्देश यथावत हैं. तथापि, सर्च कमेटी के संघटन में अब परिवर्तन किया गया है. अब, सर्च कमेटी यानी एफएसआरएएससी का गठन एसीसी के अनुमोदन से किया गया है. “यह समिति गवर्नर और उप-गवर्नर सहित वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय निकायों के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए नामों की अनुशंसा करेगी,“ जवाब में कहा गया.बाद में एक उच्च पदस्थ सरकारी सूत्र ने बताया कि गवर्नर के मामले में सर्च कमेटी सिफारिश जरूर कर सकती है, लेकिन ये जरूरी नहीं कि सरकार उस सिफाऱिश के आधार पर ही कार्रवाई करे. उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री से राय-मशविरा करने के बाद नए नाम पर फैसला करेंगे. हालांकि जब उनसे ये पूछा गया कि राजन के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कब तक हो जाएगा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया.
सरकार ने लोकसभा को जानकारी दी है कि कैबिनेट सचिव की अगुवाई वाली एक कमेटी रिजर्व बैंक गवर्नर के नाम की सिफारिश करेगी. हालांकि बाद में उच्च पदस्थ सूत्रों ने स्पष्ट किया कि कमेटी की सिफारिश मानना या नहीं मानना सरकार का विशेषाधिकार है और इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय वित्त मंत्री की सिफाऱिश के आधार पर करेगा.अभी ये स्पष्ट नहीं है कि रिजर्व बैंक के नए गवर्नर को लेकर कमेटी वाली प्रक्रिया अपनायी जाएगी या नहीं. ध्यान रहे कि रिजर्व बैंक के मौजूदा गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितम्बर को खत्म होना है. सरकार का कहना है कि उचित समय आने पर राजन के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर दिया.लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने लिखित में जानकारी दी कि मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति यानी एसीसी ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और डिप्टी गवर्नर समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न रेग्युलेटरी एजेंसी के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की सिफाऱिश देने के लिए फाइनेंशियल सेक्टर रेग्युलेटरी अपाइंटमेंट सर्च कमेटी (एफएसआरएएससी) के गठन पर हरी झंडी जता दी है. इस कमेटी के मुखिया कैबिनेट सेक्रेटरी होंगे जबकि प्रधानमंत्री के अपर प्रधान सचिव, आर्थिक कार्य विभाग या वित्त सेवाएं विभाग के सचिव (जरूरत के मुताबिक), संबंधित रेग्युलेटरी अथॉरिटी के अध्यक्ष और तीन बाहरी विशेषज्ञ सदस्य होंगे.उधर, मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने जवाब दिया कि रिजर्व बैंक के गवर्नर और चार डिप्टी गवर्नर की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है. उप -गवर्नरों की नियुक्ति एसीसी के दिशआनिर्देशे के मुताबिक होती है और इस बारे में एक सर्च कमेटी नाम की सिफारिश करती है. वहीं जवाब में आगे बताया गया कि गवर्नर की नियुक्ति का अनुमोदन वित्त मंत्री की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किया जाता है.सरकार ने ये भी साफ कि उप-गवर्नरों की नियुक्ति संबंधी एसीसी दिशानिर्देश यथावत हैं. तथापि, सर्च कमेटी के संघटन में अब परिवर्तन किया गया है. अब, सर्च कमेटी यानी एफएसआरएएससी का गठन एसीसी के अनुमोदन से किया गया है. “यह समिति गवर्नर और उप-गवर्नर सहित वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय निकायों के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए नामों की अनुशंसा करेगी,“ जवाब में कहा गया.बाद में एक उच्च पदस्थ सरकारी सूत्र ने बताया कि गवर्नर के मामले में सर्च कमेटी सिफारिश जरूर कर सकती है, लेकिन ये जरूरी नहीं कि सरकार उस सिफाऱिश के आधार पर ही कार्रवाई करे. उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री से राय-मशविरा करने के बाद नए नाम पर फैसला करेंगे. हालांकि जब उनसे ये पूछा गया कि राजन के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कब तक हो जाएगा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया.
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