CBI ने KEJRIWAL के प्रधान सचिव को किया गिरफ्तार
सीबीआई ने सोमवार को भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और अन्य चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इन चार लोगों में तरुण शर्मा, संदीप कुमार, दिनेश गुप्ता और अशोक कुमार शामिल हैं। वहीं इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप की लोकप्रियता से केंद्र सरकार घबरा गई है और इसीलिए बदला लिया जा रहा है।दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार पर 50 करोड़ के घोटाले का आरोप है। पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने राजेंद्र कुमार के घर और दफ्तर छापे मारे थे। उनके खिलाफ पद का दुरूपयोग करने का एक मामला दर्ज किया गया था। कुमार के खिलाफ सीबीआई पांच मामलों में जांच कर रही है। ये मामले 2009 से 2014 के बीच के हैं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार में विभिन्न पदों पर काम किया।इससे पहले जांच एजेंसी को राजेन्द्र कुमार के पास से पांच ऑडियो क्लिपिंग मिले थे, जिनमें वह कथित तौर पर संबंधित अधिकारियों को ठेके के करारों में कथित रूप से गड़बडी के लिए मौखिक निर्देश दे रहे हैं। कथित क्लिपिंग कुमार के ईमेल एकाउंट से मिले हैं और ये उन अधिकारियों पर उनके प्रभाव का संकेत देते हैं जिनके नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किए गए हैं तथा उन्हें आरोपपत्र में शामिल किया जा सकता है।सीबीआई के अनुसार उसने कुमार ने ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली सरकार के विभागों से ठेके दिलाने में एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाया।’ एक निजी कंपनी को 2007 से 2009 के दौरान पांच ठेकों में कथित तौर पर 9.5 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाने के आरोप में कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सीबीआई ने सोमवार को भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और अन्य चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इन चार लोगों में तरुण शर्मा, संदीप कुमार, दिनेश गुप्ता और अशोक कुमार शामिल हैं। वहीं इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप की लोकप्रियता से केंद्र सरकार घबरा गई है और इसीलिए बदला लिया जा रहा है।दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार पर 50 करोड़ के घोटाले का आरोप है। पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने राजेंद्र कुमार के घर और दफ्तर छापे मारे थे। उनके खिलाफ पद का दुरूपयोग करने का एक मामला दर्ज किया गया था। कुमार के खिलाफ सीबीआई पांच मामलों में जांच कर रही है। ये मामले 2009 से 2014 के बीच के हैं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार में विभिन्न पदों पर काम किया।इससे पहले जांच एजेंसी को राजेन्द्र कुमार के पास से पांच ऑडियो क्लिपिंग मिले थे, जिनमें वह कथित तौर पर संबंधित अधिकारियों को ठेके के करारों में कथित रूप से गड़बडी के लिए मौखिक निर्देश दे रहे हैं। कथित क्लिपिंग कुमार के ईमेल एकाउंट से मिले हैं और ये उन अधिकारियों पर उनके प्रभाव का संकेत देते हैं जिनके नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किए गए हैं तथा उन्हें आरोपपत्र में शामिल किया जा सकता है।सीबीआई के अनुसार उसने कुमार ने ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली सरकार के विभागों से ठेके दिलाने में एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाया।’ एक निजी कंपनी को 2007 से 2009 के दौरान पांच ठेकों में कथित तौर पर 9.5 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाने के आरोप में कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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