Saturday, 9 July 2016

एनएसजी में समर्थन करने के लिए अफ्रीका को दिया धन्यवाद

एनएसजी में समर्थन करने के लिए अफ्रीका को दिया धन्यवाद 

प्रधानमंत्री मोदी ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का समर्थन करने के लिए दक्षिण अफ्रीका का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को भरोसा दिलाया कि हमारे जैसे मित्रों के सक्रिय समर्थन पर कर सकता है। पिछले महीने सियोल में एनएसजी की हुई समग्र बैठक में ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका द्वारा परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का हवाला देते हुए भारत की सदस्यता का विरोध करने की मीडिया रिपोर्ट्स आई थी लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के बयान से साफ हो गया है कि एनएसजी की बैठक में भारत को दक्षिण अफ्रीका का समर्थन हासिल हुआ था। तमाम कोशिशों के बावजूद एनएसजी की सदस्यता न मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली अफ्रीकी यात्रा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा से एनएसजी पर एक बार फिर वार्ता शुरू हो सकती है। प्रिटोरिया में राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का समर्थन किया था जिसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन दोनो देशों के लिए एक बड़ी समस्या है। बैठक में दोनों देश नवीनीकरण ऊर्जा के प्रयोग के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास करने पर सहमति बनी है। यही वजह है कि भारत ने पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय सौर एलायंस बनाने का प्रयास किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हुए अंतर्राष्ट्रीय सौर एलायंस में दक्षिण अफ्रीका की भागीदारी का स्वागत किया।उन्होंने बताया कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आपसी सहयोग के चार क्षेत्रों में समझौता हुआ है जिनमे सूचना व संचार तकनीक, पर्यटन, विज्ञान एवं तकनीक और कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में समझौते प्रमुख है।
आतंकवाद को एक वैश्विक चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और उभरती वैश्विक चुनौतियों पर अधिक निकटता के साथ काम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा और उन्होंने विश्व में आतंकवाद का सामना करने के लिए सतर्क रहने एवं अत्याधिक सक्रिय रहने पर बल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका हिन्द महासागर से जुड़े हुए हैं। यह हमें सहयोग के नए रास्ते खोलने के लिए मंच प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उनकी पहली यात्रा है और उन्हे घर जैसा महसूस हो रहा है। इसके साथ ही दौरे में उन्हे महात्मा गांधी और नेल्सन मडेला को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला।दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में छोटे औऱ मध्यम व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत सहयोग करेगा। पिछले दो दशकों में दक्षिण अफ्रीका और भारत के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। हमारी क्षमताओं से दोनों देशों को फायदा होगा। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच खनिज,खनन, केमिकल में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।भारत और अफ्रीकी देशों के संबंध मजबूत बनाने के उद्देश्य से अफ्रीकी देशों के पांच दिवसीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोज़ाम्बीक के बाद अपनी यात्रा के दूसरे चरण में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे हैं। दक्षिण अफ्रीका में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत हुआ और उन्हे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

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