वर्षा का दौर जारी, कई गांव खाली कराए,नदी नाले उफान पर
प्रदेश में पिछले 48 घण्टे से भारी वर्षा का दौर जारी है। कई स्थानों पर रूक रूककर भारी वर्षा हो रही है। भारी वर्षा के कारण जिले के सभी नदी नाले उफान पर हैं। केन, व्यारमा, गलको तथा मिढासन नदी के किनारे के कई गांव जलभराव से प्रभावित हो रहे हैं। जान माल की सुरक्षा की दृष्टि से बाढ प्रभावित गांवों से लोगों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।भारी वर्षा के कारण जल संसाधन विभाग द्वारा पन्ना तहसील में बनाए गए दो बांधों के फूटने से भी तीन गांव में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इनमें भी समय पर कार्यवाही करके प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं पतने नदी के पुल के उपर से पानी बहने के कारण आवागमन रोक दिया गया है जिससे दमोह एवं कटनी जिले का संपर्क पन्ना जिले से टूट गया है ।प्रशासनिक अधिकारियों ने बिलखुरा, सिरस्वाहा क्षेत्र में बाढ की स्थिति को निर्मित होते हुए देखने के तुरन्त बाद क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिविर लगाकर रखने की व्यवस्था कराई गई। शिविर में लोगों को भोजन, उपचार एवं अन्य जीवनोपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस क्षेत्र में 300 से अधिक परिवारों को शिविर में रखा गया है। जनपद पंचायत पन्ना तथा ग्राम पंचायत द्वारा 9 अस्थाई शिविर बनाए गए हैं। इनमें ग्राम बिलखुरा, उडकी तथा अहिरगवां कैम्प के बाढ प्रभावित लोगों को रखा गया है। लगातार वर्षा के कारण नदी नाले उफान पर आ गए हैं। केन, मिढासन, गलको, व्यारमा, सुनार, रूंज तथा बाघिन नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।जिले में 8 जुलाई को 104.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 190 मि.मी. वर्षा गुनौर तहसील में दर्ज की गई। इसके साथ साथ पन्ना तहसील में 119 मि.मी., पवई तहसील में 110 मि.मी., शाहनगर तहसील में 50.2 मि.मी तथा अजयगढ तहसील में 54.8 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। जिले में एक जून से अब तक 516 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
प्रदेश में पिछले 48 घण्टे से भारी वर्षा का दौर जारी है। कई स्थानों पर रूक रूककर भारी वर्षा हो रही है। भारी वर्षा के कारण जिले के सभी नदी नाले उफान पर हैं। केन, व्यारमा, गलको तथा मिढासन नदी के किनारे के कई गांव जलभराव से प्रभावित हो रहे हैं। जान माल की सुरक्षा की दृष्टि से बाढ प्रभावित गांवों से लोगों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।भारी वर्षा के कारण जल संसाधन विभाग द्वारा पन्ना तहसील में बनाए गए दो बांधों के फूटने से भी तीन गांव में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इनमें भी समय पर कार्यवाही करके प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं पतने नदी के पुल के उपर से पानी बहने के कारण आवागमन रोक दिया गया है जिससे दमोह एवं कटनी जिले का संपर्क पन्ना जिले से टूट गया है ।प्रशासनिक अधिकारियों ने बिलखुरा, सिरस्वाहा क्षेत्र में बाढ की स्थिति को निर्मित होते हुए देखने के तुरन्त बाद क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिविर लगाकर रखने की व्यवस्था कराई गई। शिविर में लोगों को भोजन, उपचार एवं अन्य जीवनोपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस क्षेत्र में 300 से अधिक परिवारों को शिविर में रखा गया है। जनपद पंचायत पन्ना तथा ग्राम पंचायत द्वारा 9 अस्थाई शिविर बनाए गए हैं। इनमें ग्राम बिलखुरा, उडकी तथा अहिरगवां कैम्प के बाढ प्रभावित लोगों को रखा गया है। लगातार वर्षा के कारण नदी नाले उफान पर आ गए हैं। केन, मिढासन, गलको, व्यारमा, सुनार, रूंज तथा बाघिन नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।जिले में 8 जुलाई को 104.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 190 मि.मी. वर्षा गुनौर तहसील में दर्ज की गई। इसके साथ साथ पन्ना तहसील में 119 मि.मी., पवई तहसील में 110 मि.मी., शाहनगर तहसील में 50.2 मि.मी तथा अजयगढ तहसील में 54.8 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। जिले में एक जून से अब तक 516 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

No comments:
Write comments