PM MODI ने आज राजस्व ज्ञानसंगम का उद्धाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरूवार को राजधानी दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के वार्षिक सम्मेलन ‘राजस्व ज्ञानसंगम’ का उद्धाटन किया ।दिल्ली के विज्ञान भवन में 16-17 जून को सीबीडीटी और सीबीईसी का एक संयुक्त सम्मेसन आयोजित किया जा रहा है। देश भर से आए कर प्रशासकों के लिए आयोजित इस दो-दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का का उद्देश्य विश्व की आर्थिक स्थिति के सन्दर्भ में कर विभागों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर विचार विमर्श करना है। यह पहला अवसर है जब दो राजस्व बोर्डों का सम्मेलन एक साथ आयोजित किया जा रहा है।वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलाव को देखते हुए सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी करदाता अनुकूल सेवा में उच्च मानकों को प्राप्त करने की दिशा में राजस्व अधिकारियों को प्रेरित करेंगे और वर्तमान की चुनौतियों के बारे में भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन में कर विभागों में पिछले वर्ष हुई प्रगति और भविष्य में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा।सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली, वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा सहित सीबीडीटी और सीबीईसी के प्रधान मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त, मुख्य आयुक्त पद के सभी अधिकारी शामिल होंगे। सीबीडीटी के प्रधान मुख्य आयुक्त, मुख्य आयुक्त और प्रधान आयुक्त पदों के 251 अधिकारियों और सीबीईसी के 170 अधिकारियों की इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।वहीं लेखक, स्तंभकार, पटकथा लेखक चेतन भगत "टैक्सिंग विद लव" विषय पर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कर सेवाओं में सुधार के लिए पहल, सामाजिक मीडिया और ब्रांड निर्माण पर पैनल वार्ता भी आयोजित की जाएगी। इसमें भारतीय गुणवत्ता परिषद के महानिदेशक आदिल जैनुलभाई, मार्केट रिसर्च सलाहकार रमा बीजापुरकर, सामाजिक मीडिया विशेषज्ञ शालिनी नारायणन पैनल सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके साथ ही वित्त मंत्री अरूण जेटली और राज्य वित्त मंत्री जयंत सिन्हा भी सीबीडीटी और सीबीईसी के अधिकारियों से मिलकर चर्चा करेगे। वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा 17 जून को समापन भाषण देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरूवार को राजधानी दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के वार्षिक सम्मेलन ‘राजस्व ज्ञानसंगम’ का उद्धाटन किया ।दिल्ली के विज्ञान भवन में 16-17 जून को सीबीडीटी और सीबीईसी का एक संयुक्त सम्मेसन आयोजित किया जा रहा है। देश भर से आए कर प्रशासकों के लिए आयोजित इस दो-दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का का उद्देश्य विश्व की आर्थिक स्थिति के सन्दर्भ में कर विभागों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर विचार विमर्श करना है। यह पहला अवसर है जब दो राजस्व बोर्डों का सम्मेलन एक साथ आयोजित किया जा रहा है।वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलाव को देखते हुए सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी करदाता अनुकूल सेवा में उच्च मानकों को प्राप्त करने की दिशा में राजस्व अधिकारियों को प्रेरित करेंगे और वर्तमान की चुनौतियों के बारे में भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन में कर विभागों में पिछले वर्ष हुई प्रगति और भविष्य में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा।सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली, वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा सहित सीबीडीटी और सीबीईसी के प्रधान मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त, मुख्य आयुक्त पद के सभी अधिकारी शामिल होंगे। सीबीडीटी के प्रधान मुख्य आयुक्त, मुख्य आयुक्त और प्रधान आयुक्त पदों के 251 अधिकारियों और सीबीईसी के 170 अधिकारियों की इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।वहीं लेखक, स्तंभकार, पटकथा लेखक चेतन भगत "टैक्सिंग विद लव" विषय पर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कर सेवाओं में सुधार के लिए पहल, सामाजिक मीडिया और ब्रांड निर्माण पर पैनल वार्ता भी आयोजित की जाएगी। इसमें भारतीय गुणवत्ता परिषद के महानिदेशक आदिल जैनुलभाई, मार्केट रिसर्च सलाहकार रमा बीजापुरकर, सामाजिक मीडिया विशेषज्ञ शालिनी नारायणन पैनल सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके साथ ही वित्त मंत्री अरूण जेटली और राज्य वित्त मंत्री जयंत सिन्हा भी सीबीडीटी और सीबीईसी के अधिकारियों से मिलकर चर्चा करेगे। वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा 17 जून को समापन भाषण देंगे।

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