Monday, 6 June 2016

आतंकवाद के खात्मे के लिए INDIA AND QATER के बीच समझौता

आतंकवाद के खात्मे के लिए INDIA AND QATER  के बीच समझौता

भारत और कतर ने एकजुट होकर आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने पर सहमति जताई है। PM NARENDRA MODI के दोहा दौरे के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।इस दौरे के दौरान भारत और कतर के बीच मनी लॉंडरिंग, आतंकवाद वित्तपोषण जैसे अपराधों से संबंधित खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुआ।कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने सभी तरह की हिंसा, उग्रवाद और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस प्रकार की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद को किसी विशेष धर्म, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।दोनों नेताओं ने आतंकवाद के समर्थकों और प्रायोजकों को अलग करने की जरूरत पर बल देते हुए सहमति जताई कि आतंकवाद और आतंकियों का समर्थन करने वाली संस्थाओं एवं देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। विश्व के सामने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को कड़ी चुनौती बताते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठनों के प्रसार से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के माहौल पर खतरा मंडरा रहा है। यही वजह है कि इसका सबसे बड़ा असर सतत विकास पर देखा जा रहा है।साइबर सुरक्षा को लेकर भी दोनों नेताओं ने चिंता जताई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने पर विचार-विर्मश किया। आतंकवादी गतिविधियों में साइबर स्पेस के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए उन्होंने दोनों देशों के धार्मिक विद्वानों और बुद्धिजीवियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और बातचीत का भी स्वागत किया है। इसके साथ ही सभी धर्मों के बीच शांति , सहिष्णुता, समग्रता और कल्याण निहित मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सम्मेलनों और सेमिनारों के आयोजन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री के दौरे में दोनों पक्षों ने आपसी हित के कई मुद्दों पर द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर सहमति जताई। इसमें उच्च स्तरीय राजनीतिक आदान-प्रदान बढ़ाने, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, व्यापार और आर्थिक संबंधों, लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना शामिल है। दोनों देशों ने विश्व एवं इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने पर बल दिया।

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