सरकार का बड़ा फैसला, रक्षा और उड्डयन क्षेत्र में सौ फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी
विदेशी निवेश के मामले में केंद्र सरकार ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला किया है जिसके अंतर्गत रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी। इसके अलावा सिविल एविऐशन में भी सरकार ने 100 फीसदी एफडीआई को हरी झंडी दे दी जबकि ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में भी नियमों में संशोधन करते हुए एफडीआई को 49 से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों के अनुसार रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा छोटे हथियारों और शस्त्र अधिनियम1959 के तहत कवर गोलाबारूद के निर्माण के लिए लागू किया गया है। अभी तक रक्षा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग के तहत एक कंपनी की इक्विटी में 49 प्रतिशत एफडीआई की व्यवस्था थी I इस49 प्रतिशत एफडीआई से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर सरकार के अनुमोदन की अनुमति होनी चाहिए विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ आधुनिक प्रौद्योगिकी के लिए उपयोग में परिणाम की संभावना है I 49 प्रतिशत से अधिक विदेशी निवेश सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा I अत्याधुनिक तकनीक की शर्त को हटाया गया है।व्यापार के लिए, विशेषकर ई-कॉमर्स के माध्यम से, खाद्य विनिर्मित या भारत में उत्पादित उत्पादों के संबंध में भी 100 प्रतिशत एफडीआई के लिए मंजूरी का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ भारत अब एफडीआई के लिए सबसे अधिक ''ओपन इकॉनोमी'' (खुली अर्थव्यवस्था) बन गया है और यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि रोजगार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके I उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत को एफडीआई निवेश गंतव्य के रूप में पहला स्थान दिया है।
यह नवंबर 2015 में हुई सुधार की घोषणाओं के बाद दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा है I अब कुछ क्षेत्रों को छोड़कर अधिकतम क्षेत्र स्वत: मंजूरी मार्ग के अंतर्गत होंगे I यह माना जा रहा है कि देश में अत्यधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने की क्षमता है जो एफडीआई व्यवस्था को और सरल बना कर पूरी की जा सकती है I
अधिकारियों ने बताया, ''इन संशोधनों में स्वचालित मार्ग के तहत अधिक गतिविधियों को लाने और विदेशी निवेश के लिए शर्तों की सहजता शामिल हैं । ये संशोधन देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों को आसान बनाने और भारत को विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए किये गए हैं I''
दवा क्षेत्र में एफडीआई नीति में बदलाव किया गया है। ग्रीनफील्ड फार्मा में स्वचालित मार्गों से 100प्रतिशत और ब्राउनफील्ड में 74 प्रतिशत स्वचालित और उसके बाद सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एयरपोर्ट की ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिये स्वचालित मार्गों से 100 प्रतिशत और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्टों के लिये 74 प्रतिशत स्वचालित और उसके बाद सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी। एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण के लिए ब्राउनफिल्ड प्रोजेक्टों के लिये 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की बात कही गई है।एयर ट्रांसपोर्ट सेवा / घरेलू अनुसूचित यात्री एयरलाइन और क्षेत्रीय वायु परिवहन सेवा में इससे पहले 49 प्रतिशत एफडीआई था। इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया गया है लेकिन 49 प्रतिशत के बाद सरकारी अनुमति लेनी होगी। इसमें प्रवासी भारतीयों के लिये स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत निवेश की अनुमति होगी। हालांकि विदेशी एयरलाइन को अब भी भारतीय कंपनियों में हवाई परिवहन सेवाओं के लिये 49 प्रतिशत निवेश की अनुमति जारी रहेगी।निजी सुरक्षा एजेंसियों में निवेश की अब तक 49 प्रतिशत सीमा थी जिसे बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया है हालांकि 49 के बाद निवेश के लिये सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी।मछली पालन, जलीय कृषि और मधुमक्खी पालन नियंत्रित परिस्थितियों में स्वचालित मार्ग के तहत 100% की अनुमति दी गई है।एकल ब्रांड खुदरा कारोबार की शर्तों में ढील देते हुए सरकार ने स्थानीय स्रोतों से खरीद की शर्तों में तीन साल तक की छूट दे दी है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक वाले उत्पादों के मामले में और पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों के अनुसार रक्षा क्षेत्र के लिए एफडीआई की सीमा छोटे हथियारों और शस्त्र अधिनियम1959 के तहत कवर गोलाबारूद के निर्माण के लिए लागू किया गया है। अभी तक रक्षा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग के तहत एक कंपनी की इक्विटी में 49 प्रतिशत एफडीआई की व्यवस्था थी I इस49 प्रतिशत एफडीआई से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर सरकार के अनुमोदन की अनुमति होनी चाहिए विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ आधुनिक प्रौद्योगिकी के लिए उपयोग में परिणाम की संभावना है I 49 प्रतिशत से अधिक विदेशी निवेश सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा I अत्याधुनिक तकनीक की शर्त को हटाया गया है।व्यापार के लिए, विशेषकर ई-कॉमर्स के माध्यम से, खाद्य विनिर्मित या भारत में उत्पादित उत्पादों के संबंध में भी 100 प्रतिशत एफडीआई के लिए मंजूरी का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ भारत अब एफडीआई के लिए सबसे अधिक ''ओपन इकॉनोमी'' (खुली अर्थव्यवस्था) बन गया है और यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि रोजगार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके I उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत को एफडीआई निवेश गंतव्य के रूप में पहला स्थान दिया है।
यह नवंबर 2015 में हुई सुधार की घोषणाओं के बाद दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा है I अब कुछ क्षेत्रों को छोड़कर अधिकतम क्षेत्र स्वत: मंजूरी मार्ग के अंतर्गत होंगे I यह माना जा रहा है कि देश में अत्यधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने की क्षमता है जो एफडीआई व्यवस्था को और सरल बना कर पूरी की जा सकती है I
अधिकारियों ने बताया, ''इन संशोधनों में स्वचालित मार्ग के तहत अधिक गतिविधियों को लाने और विदेशी निवेश के लिए शर्तों की सहजता शामिल हैं । ये संशोधन देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों को आसान बनाने और भारत को विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए किये गए हैं I''
दवा क्षेत्र में एफडीआई नीति में बदलाव किया गया है। ग्रीनफील्ड फार्मा में स्वचालित मार्गों से 100प्रतिशत और ब्राउनफील्ड में 74 प्रतिशत स्वचालित और उसके बाद सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एयरपोर्ट की ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिये स्वचालित मार्गों से 100 प्रतिशत और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्टों के लिये 74 प्रतिशत स्वचालित और उसके बाद सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी। एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण के लिए ब्राउनफिल्ड प्रोजेक्टों के लिये 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की बात कही गई है।एयर ट्रांसपोर्ट सेवा / घरेलू अनुसूचित यात्री एयरलाइन और क्षेत्रीय वायु परिवहन सेवा में इससे पहले 49 प्रतिशत एफडीआई था। इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया गया है लेकिन 49 प्रतिशत के बाद सरकारी अनुमति लेनी होगी। इसमें प्रवासी भारतीयों के लिये स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत निवेश की अनुमति होगी। हालांकि विदेशी एयरलाइन को अब भी भारतीय कंपनियों में हवाई परिवहन सेवाओं के लिये 49 प्रतिशत निवेश की अनुमति जारी रहेगी।निजी सुरक्षा एजेंसियों में निवेश की अब तक 49 प्रतिशत सीमा थी जिसे बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया है हालांकि 49 के बाद निवेश के लिये सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी।मछली पालन, जलीय कृषि और मधुमक्खी पालन नियंत्रित परिस्थितियों में स्वचालित मार्ग के तहत 100% की अनुमति दी गई है।एकल ब्रांड खुदरा कारोबार की शर्तों में ढील देते हुए सरकार ने स्थानीय स्रोतों से खरीद की शर्तों में तीन साल तक की छूट दे दी है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक वाले उत्पादों के मामले में और पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

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