कटनी कलेक्टर और आबकारी अधिकारी पर एफआईआर दर्ज
डीडी कांड में कलेक्टर और आबकारी अधिकारी सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लोकायुक्त ने कलेक्टर प्रकाश जांगरे, आबकारी अधिकारी आरसी त्रिवेदी सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर धारा 420, 120 बी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।लोकायुक्त एसपी पद्मविलोचन शुक्ला ने कलेक्टर और आबाकारी अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। अरोपी अधिकारियों पर शराब ठेके में अपने पद का दुरुपयोग करके ठकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। शराब ठेकों में आरोपियों ने ठेकेदार से साठ-गांठ करके शासन को करीब छह करोड़ रुपए का चूना लगाया है।वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए जिले में 62 शराब दुकानों की नीलामी की गई थी। 44 दुकानों के लिए संबंधित ठेकेदारों द्वारा केनरा बैंक से जारी करोड़ों रुपए की डीडी कूटरचित पाई गई। हकीकत सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने बैंक के डीजीएम अशोक कुमार साहू, शाखा प्रबंधक कृष्णदत्त दुबे, अमृता सिंह, मंजू यादव, दिव्या अहिरवार, बल्लन तिवारी, पंकज दुबे, पुष्पेन्द्र सिंह समेत दो दर्जन से अधिक ठेकेदारों पर प्रकरण दर्ज किया था। कोतवाली पुलिस से मामले की जांच के दौरान ही शासन ने प्रकरण सीआईडी को सौंप दिया। सीआईडी के साथ ही सीबीआई और लोकायुक्त द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही है।पद्मविलोचन शुक्ला, एसपी लोकायुक्त का कहना है कि कलेक्टर और आबकारी अधिकारी सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों पर साठ-गांठ करके शासन को राजस्व की हानि पहुंचाने का आरोप है।
डीडी कांड में कलेक्टर और आबकारी अधिकारी सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लोकायुक्त ने कलेक्टर प्रकाश जांगरे, आबकारी अधिकारी आरसी त्रिवेदी सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर धारा 420, 120 बी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।लोकायुक्त एसपी पद्मविलोचन शुक्ला ने कलेक्टर और आबाकारी अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। अरोपी अधिकारियों पर शराब ठेके में अपने पद का दुरुपयोग करके ठकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। शराब ठेकों में आरोपियों ने ठेकेदार से साठ-गांठ करके शासन को करीब छह करोड़ रुपए का चूना लगाया है।वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए जिले में 62 शराब दुकानों की नीलामी की गई थी। 44 दुकानों के लिए संबंधित ठेकेदारों द्वारा केनरा बैंक से जारी करोड़ों रुपए की डीडी कूटरचित पाई गई। हकीकत सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने बैंक के डीजीएम अशोक कुमार साहू, शाखा प्रबंधक कृष्णदत्त दुबे, अमृता सिंह, मंजू यादव, दिव्या अहिरवार, बल्लन तिवारी, पंकज दुबे, पुष्पेन्द्र सिंह समेत दो दर्जन से अधिक ठेकेदारों पर प्रकरण दर्ज किया था। कोतवाली पुलिस से मामले की जांच के दौरान ही शासन ने प्रकरण सीआईडी को सौंप दिया। सीआईडी के साथ ही सीबीआई और लोकायुक्त द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही है।पद्मविलोचन शुक्ला, एसपी लोकायुक्त का कहना है कि कलेक्टर और आबकारी अधिकारी सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों पर साठ-गांठ करके शासन को राजस्व की हानि पहुंचाने का आरोप है।

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