ढाई दशक बाद प्रयाग में रात्रि विश्राम करेंगे मोदी
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की रविवार को यहाँ शुरू हो रही बैठक एक बार फिर इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाई दशक बाद रविवार को यहाँ रात्रिविश्राम करेंगे। अटल बिहारी वाजपेयी के बाद वे दूसरे भाजपा नेता हैं जो प्रधानमंत्री के रूप में यहाँ आ रहे हैं।हालाँकि नरेंद्र मोदी इससे पहले 2014 में यहाँ आए थे लेकिन तब वे लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए आए थे। उस समय वे भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार थे। यह भी संयोग है कि मोदी ने 2014 में यहाँ जिस परेड ग्राउंड में रैली को संबोधित किया था, उसी परेड ग्राउंड में कल सोमवार को भी वे रैली को संबोधित करेंगे। रैली स्थल भी वहीँ और और मंच भी वहीँ होगा। लेकिन अबकी मोदी इस रैली को देश के प्रधानमंत्री के रूप में सम्बोधित करेंगे।उस समय चुनावी रैली में मोदी ने यहाँ के लोगों से विकास के जो वादे किये थे उसको लेकर यहाँ के लोग उनकी कल होने वाली रैली को कौतूहल भरी नजरों से देख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज दोपहर यहाँ बमरौली एअरपोर्ट पहुंचेगे जहाँ से सीधे कान्हा श्याम होटल आएँगे और यहीं पर उनकी पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। रात को प्रधानमंत्री मोदी इलाहाबाद में ही प्रवास करेंगे।इससे पहले 12 जनवरी, 1992 में नरेंद्र मोदी ने इलाहाबाद में रात बिताईं थी। उस समय भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली गई एकता यात्रा में आये थे। एकता यात्रा शाम को यहाँ पहुंची थी और घंटाघर पर आयोजित सभा में नरेंद्र मोदी ने अपना जोशीला भाषण दिया था। उसी रात सर्किट हाउस में मोदी ठहरे थे। उस समय एकता यात्रा में शामिल रहे लोगों को नरेंद्र मोदी के ओजस्वी भाषण ने बहुत प्रभावित किया था।इससे पहले बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे भाजपा नेता थे जिन्होंने 12 साल पहले अप्रैल, 2004 में इलाहाबाद का दौरा किया था। तब वे डॉ. मुरली मनोहर जोशी के समर्थन में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करने आये थे। यह भी संयोग है कि वाजपेयी और मोदी शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक रहे और बाद में भाजपा से जुड़कर राजनीति में आये। फिर तो उनकी लोकप्रियता के इर्दगिर्द कोई दूसरा ठहर नहीं पाया।
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