Saturday, 11 June 2016

BJP कार्यसमिति में तैयार होगा पांच राज्यों के चुनाव का रोडमैप

 BJP कार्यसमिति में तैयार होगा पांच राज्यों के चुनाव का रोडमैप

 संगम नगरी में 12 व 13 जून को आयोजित हो रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में उत्तर प्रदेश के अलावा चार अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का भी रोडमैप तैयार होगा। इस बैठक में पार्टी तीन प्रस्ताव पारित करेगी। साथ ही मोदी सरकार के दो साल की उपलब्धियों पर भी पार्टी पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य चर्चा करेंगे।भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने शनिवार को यहां पत्रकारों को बताया कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के दौरान इस विषय पर विस्तार से चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि मानसून की प्रतिकूलता के बावजूद देश ने जो 7.9 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल की, वह भी बैठक की चर्चा के एजेण्डे में शामिल है। श्री यादव ने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति में राजनैतिक व आर्थिक समेत तीन प्रस्ताव भी पारित किये जाएंगे।भाजपा महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक नीति का गौरव बढ़ाया है और देश में एक नई कार्यनीति व सोच विकसित की है। अपने दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने विकास का एक अनुकरणीय प्रारूप तैयार किया है। इसलिए यह कार्यसमिति मोदी सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा करेगी।उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी महासचिवों के साथ शनिवार को कार्यसमिति की बैठक के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करेंगे। रविवार सुबह 10 बजे से होटल कान्हा श्याम में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक होगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे।
पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद रविवार अपराह्न चार बजे केपी कालेज मैदान में कार्यसमिति की बैठक प्रारम्भ होगी। समापन सोमवार को चार बजे होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री संगम के नजदीक परेड मैदान में परिवर्तन रैली को सम्बोधित करेंगे।पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य ने बताया कि कार्यसमिति और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के बैठक की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय नेताओं के स्वागत को तैयार हैं। कार्यक्रम को लेकर इलाहाबाद और आस पास के जिलों के कार्यकर्ता अत्यधिक उत्साहित हैं।राजनीति के जानकारों की मानें तो संगम स्थली पर पहली बार देश स्तर की बैठक का आयोजन कर न सिर्फ उत्तर प्रदेश के चुनावी गणित को साधने का प्रयास हो रहा है, बल्कि यह बताने की कोशिश हो रही है कि राष्ट्र को एकसूत्र में बांधने के लिए देश का कांग्रेस मुक्त होना जरूरी है। यह संदेश देने का प्रयास है कि कार्यकर्ता को शीतलता तभी मिलेगी, जब गंगा-जमुनी और अन्तःसलिला सरस्वती का संगम होगा। यानी लोगों के मन-मस्तिष्क में अक्षयवट रूपी राष्ट्रवादी विचारधारा को आरोपित करने में सफलता मिलेगी। ऐसा करने से ही समाज के हर अंतिम व्यक्ति के विकास को तरजीह मिलेगी। चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान, सिक्ख हो या ईसाई। पिछड़ा, दलित और अति-दलितों के उत्थान में भी ऐसे ही भाव की जरूरत है।

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