6 IIT को मिला राष्ट्रीय महत्व का दर्जा
कैबिनेट ने छह नए आईआईटी के समावेशन के लिए तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन और तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत आईएसएम, धनबाद को आईआईटी में रूपांतरण के लिए पूर्व-व्यापी मंजूरी दी है ।यह आईआईटी तिरुपति (एपी), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा, जम्मू (जम्मू-कश्मीर) में हैं।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में तिरुपति (एपी), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा, जम्मू (जम्मू-कश्मीर) में छह नए आईआईटी के समावेशन के लिए तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन और तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत आईएसएम, धनबाद को आईआईटी में रूपांतरण के लिए पूर्व-व्यापी मंजूरी दे दी है।इस मंजूरी से तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में प्रौद्योगिकी के छह नए भारतीय संस्थानों को शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में घोषित किया जाएगा। इसके अलावा आईएसएम, धनबाद का रूपांतरण करके आईआईटी बनाने को भी मंजूरी दे कर तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में लाया गया है और उसे राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में घोषित किया गया है।
कैबिनेट ने छह नए आईआईटी के समावेशन के लिए तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन और तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत आईएसएम, धनबाद को आईआईटी में रूपांतरण के लिए पूर्व-व्यापी मंजूरी दी है ।यह आईआईटी तिरुपति (एपी), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा, जम्मू (जम्मू-कश्मीर) में हैं।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में तिरुपति (एपी), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा, जम्मू (जम्मू-कश्मीर) में छह नए आईआईटी के समावेशन के लिए तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन और तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत आईएसएम, धनबाद को आईआईटी में रूपांतरण के लिए पूर्व-व्यापी मंजूरी दे दी है।इस मंजूरी से तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में प्रौद्योगिकी के छह नए भारतीय संस्थानों को शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में घोषित किया जाएगा। इसके अलावा आईएसएम, धनबाद का रूपांतरण करके आईआईटी बनाने को भी मंजूरी दे कर तकनीकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में लाया गया है और उसे राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में घोषित किया गया है।

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