JAMMU KASHMIR विधानसभा में एक बार फिर हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शनिवार को एक बार कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के विधायकों ने वर्ष 2014 में आई भयंकर बाढ़ के पीड़ितों के अब तक पुनर्वास ना होन के खिलाफ विरोध जताया और नारेबाजी की।जानकारी के अनुसार, विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ पीडीपी-भाजपा सरकार विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने में नाकाम रही है।इससे पहले विधानसभा सत्र के तीसरे दिन नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के विधायकों द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन, हंदवाड़ा फायरिंग में नागरिकों की मौत और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को लेकर सदन में हंगामा किया था।शुक्रवार को जैसे ही स्पीकर सदन में आए और कार्रवाई शुरू करने लगे, तो नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस विधायकों ने इन मुद्दों पर अपनी जगह खड़े होकर विरोध करना शुरू कर दिया। इतने में सीपीएम के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी द्वारा भी स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन, उसे स्पीकर ने नामंजूर कर दिया।इस बीच, इंजीनियर रशीद भी वेल में हंदवाड़ा हत्याकांड की जांच को लेकर हंगामा करने लगे। रशीद रायशुमारी कराने की भी मांग कर रहे थे। नेशनल कांफ्रेंस के अब्दुल मजीद लारमी और अब्दुल जब्बार द्वारा स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन, उन्हें मार्शलों द्वारा जबरदस्ती वापस लाया गया।घाटी में सितंबर, 2014 में आई बाढ़ में 200 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग एक लाख लोगों को एक सप्ताह के लिए दूसरी जगह रवाना किया गया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शनिवार को एक बार कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के विधायकों ने वर्ष 2014 में आई भयंकर बाढ़ के पीड़ितों के अब तक पुनर्वास ना होन के खिलाफ विरोध जताया और नारेबाजी की।जानकारी के अनुसार, विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ पीडीपी-भाजपा सरकार विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने में नाकाम रही है।इससे पहले विधानसभा सत्र के तीसरे दिन नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के विधायकों द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन, हंदवाड़ा फायरिंग में नागरिकों की मौत और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को लेकर सदन में हंगामा किया था।शुक्रवार को जैसे ही स्पीकर सदन में आए और कार्रवाई शुरू करने लगे, तो नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस विधायकों ने इन मुद्दों पर अपनी जगह खड़े होकर विरोध करना शुरू कर दिया। इतने में सीपीएम के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी द्वारा भी स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन, उसे स्पीकर ने नामंजूर कर दिया।इस बीच, इंजीनियर रशीद भी वेल में हंदवाड़ा हत्याकांड की जांच को लेकर हंगामा करने लगे। रशीद रायशुमारी कराने की भी मांग कर रहे थे। नेशनल कांफ्रेंस के अब्दुल मजीद लारमी और अब्दुल जब्बार द्वारा स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन, उन्हें मार्शलों द्वारा जबरदस्ती वापस लाया गया।घाटी में सितंबर, 2014 में आई बाढ़ में 200 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग एक लाख लोगों को एक सप्ताह के लिए दूसरी जगह रवाना किया गया।

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