सदी के दूसरे सिंहस्थ के सानंद संपन्न होने पर दिया सभी को धन्यवाद CM OF MADHYA PREDESH
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आस्था और अध्यात्म के महाकुम्भ
सिंहस्थ 2016 के सानंद संपन्न होने एवं अभूतपूर्व रूप से इसे सफल बनाने के
लिए करोड़ों श्रद्धालु, संत समुदाय, महामंडलेश्वरों, अखाड़ा प्रमुखों,
मुनियों, अखाड़ा परिषद और सभी धर्मों के गुरुओं को सहयोग, समर्थन,
मार्गदर्शन और भागीदारी के लिए सादर नमन प्रेषित करते हुए उन्हें अन्तःकरण
से धन्यवाद दिया है।श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा
के बाद श्रद्धालुओं ने धैर्य का परिचय दिया और प्रशासन, जन सहयोग,
स्वयं-सेवकों और स्थानीय नागरिकों की मदद से व्यवस्था को चंद घंटों में
पुनः स्थापित कर दिया गया। सिंहस्थ को अबाध रूप से जारी रखने में सभी
सम्बंधित लोगों ने जो तत्परता दिखाई वह अत्यंत सराहनीय और अविस्मरणीय
है।श्री चौहान ने महाकुम्भ के सफल आयोजन में से जुड़े विभाग एवं अधिकारी-
कर्मचारी, सफाईकर्मियों और उज्जैनवासियों को भी धन्यवाद दिया है जिन्होंने
रात-दिन के अथक परिश्रम से श्रद्धालुओं की सुविधाओँ का ख्याल रखा और
समर्पण भाव से अपनी सेवाएँ दी।श्री चौहान ने कहा कि करोड़ों की संख्या में
श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देना, सूचना देना, मदद करना, बुजुर्गों, महिलाओं
और दिव्यांगों को स्नान घाट तक पहुँचाना चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन पूरी
दक्षता के साथ इसे पूरा किया गया।होमगार्ड से लेकर सभी पुलिस बल ने
अपनी सतर्कता से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी। अखाड़ा परिषद और
सभी अखाड़ों, देशी और विदेशी मीडिया, विद्वानों, स्वयंसेवी और सामाजिक
संगठनों, धार्मिक संस्थाओं को कोटिश: धन्यवाद जिनका पूरा सहयोग सरकार को
मिला। इससे आस्था और विश्वास का यह यह अदभुत महापर्व सानंद सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आस्था और अध्यात्म के महाकुम्भ
सिंहस्थ 2016 के सानंद संपन्न होने एवं अभूतपूर्व रूप से इसे सफल बनाने के
लिए करोड़ों श्रद्धालु, संत समुदाय, महामंडलेश्वरों, अखाड़ा प्रमुखों,
मुनियों, अखाड़ा परिषद और सभी धर्मों के गुरुओं को सहयोग, समर्थन,
मार्गदर्शन और भागीदारी के लिए सादर नमन प्रेषित करते हुए उन्हें अन्तःकरण
से धन्यवाद दिया है।श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा
के बाद श्रद्धालुओं ने धैर्य का परिचय दिया और प्रशासन, जन सहयोग,
स्वयं-सेवकों और स्थानीय नागरिकों की मदद से व्यवस्था को चंद घंटों में
पुनः स्थापित कर दिया गया। सिंहस्थ को अबाध रूप से जारी रखने में सभी
सम्बंधित लोगों ने जो तत्परता दिखाई वह अत्यंत सराहनीय और अविस्मरणीय
है।श्री चौहान ने महाकुम्भ के सफल आयोजन में से जुड़े विभाग एवं अधिकारी-
कर्मचारी, सफाईकर्मियों और उज्जैनवासियों को भी धन्यवाद दिया है जिन्होंने
रात-दिन के अथक परिश्रम से श्रद्धालुओं की सुविधाओँ का ख्याल रखा और
समर्पण भाव से अपनी सेवाएँ दी।श्री चौहान ने कहा कि करोड़ों की संख्या में
श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देना, सूचना देना, मदद करना, बुजुर्गों, महिलाओं
और दिव्यांगों को स्नान घाट तक पहुँचाना चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन पूरी
दक्षता के साथ इसे पूरा किया गया।होमगार्ड से लेकर सभी पुलिस बल ने
अपनी सतर्कता से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी। अखाड़ा परिषद और
सभी अखाड़ों, देशी और विदेशी मीडिया, विद्वानों, स्वयंसेवी और सामाजिक
संगठनों, धार्मिक संस्थाओं को कोटिश: धन्यवाद जिनका पूरा सहयोग सरकार को
मिला। इससे आस्था और विश्वास का यह यह अदभुत महापर्व सानंद सम्पन्न हुआ।
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