CHIEF MINISTER SHIVRAJ SINGH CHOUHAN ने किया महाकालेश्वर का अभिषेक
बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान उज्जैन आए। श्री चौहान,श्रीमती साधनासिंह चौहान,केंद्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष माखनसिंह चौहान ने बाबा महाकाल का दूग्धाभिषेक किया। पश्चात वे अवधेशानंदजी के पाण्डाल में पहुंचे और उन्हे बिदाई दी। इस अवसर पर अवधेशानंदजी ने मुख्यमंत्री एवं श्रीमती सिंह का सम्मान किया।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी अवधेशानंदजी के शिविर में पहुंचकर अवधेशानंदजी को शाल, श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री पारस जैन, माखनसिंह चौहान, उविप्रा अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरीजी, जूना अखाड़ा के श्रीमंहत प्रेमगिरी जी, उमाशंकर भारती,प्रमुख सचिव जनसंपर्क एस.के. मिश्र एवं पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि सिंहस्थ में उज्जैन को जो सौगातें मिली हैं वह यथावत रहें उनका संधारण होता रहे। जो पेड़ पौधे लगे हैं वे सूखने न पाएं घाट भी अच्छे बने रहें उनकी देखरेख हो। उन्होंने कहा कि जूना अखाड़े के दातार अखाड़े में मंगलवार को आचार्य पीठ की स्थापना हुई है। यह पीठ विद्या का केंद्र बनेगी। इस पीठ में विद्या का वास होगा। मुख्यमंत्री स्वामी अवधेशानंद जी की विदाई के बाद उनके साथ ओंकारेश्वर गए। वहां से पुन: शाम को उज्जैन आए और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। अब वे 29 मई को आभार रैली में शामिल होंगे।
बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान उज्जैन आए। श्री चौहान,श्रीमती साधनासिंह चौहान,केंद्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष माखनसिंह चौहान ने बाबा महाकाल का दूग्धाभिषेक किया। पश्चात वे अवधेशानंदजी के पाण्डाल में पहुंचे और उन्हे बिदाई दी। इस अवसर पर अवधेशानंदजी ने मुख्यमंत्री एवं श्रीमती सिंह का सम्मान किया।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी अवधेशानंदजी के शिविर में पहुंचकर अवधेशानंदजी को शाल, श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री पारस जैन, माखनसिंह चौहान, उविप्रा अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरीजी, जूना अखाड़ा के श्रीमंहत प्रेमगिरी जी, उमाशंकर भारती,प्रमुख सचिव जनसंपर्क एस.के. मिश्र एवं पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि सिंहस्थ में उज्जैन को जो सौगातें मिली हैं वह यथावत रहें उनका संधारण होता रहे। जो पेड़ पौधे लगे हैं वे सूखने न पाएं घाट भी अच्छे बने रहें उनकी देखरेख हो। उन्होंने कहा कि जूना अखाड़े के दातार अखाड़े में मंगलवार को आचार्य पीठ की स्थापना हुई है। यह पीठ विद्या का केंद्र बनेगी। इस पीठ में विद्या का वास होगा। मुख्यमंत्री स्वामी अवधेशानंद जी की विदाई के बाद उनके साथ ओंकारेश्वर गए। वहां से पुन: शाम को उज्जैन आए और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। अब वे 29 मई को आभार रैली में शामिल होंगे।

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