PRIME MINISTER MODI STARTS IRAN VISIT ON SUNDAY
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को राष्ट्रपति हसन रूहानी के बुलावे पर दो दिनों की ईरान यात्रा पर रवाना हो गये।यात्रा से पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वह
त्रिपक्षीय चाबहार बंदरगाह विकास के समझौते को लेकर उत्साहित हैं जिससे
भारत के सुरक्षा और आर्थिक सहयोगी और चारों ओर से जमीन से घिरे अफगानिस्तान
से संमुद्री संपर्क के मार्ग खुलेंगे।प्रधानमंत्री राष्ट्रपति रूहानी के
अलावा शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खमेनी से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने
आशा जताई कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का
मौका मिलेगा। कनेक्टिविटी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा साझेदारी, संस्कृति एवं
लोगों और लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा।चाबहार समझौते से शांति और स्थिरता
विशेष रूप से क्षेत्र और विस्तारित पड़ोस को लेकर नियमित विचार-विमर्श को
बढ़ावा मिलेगा। INDIA,TRAN AND AFGHANISTAN 23 मई को चाबहार बंदरगाह के
विकास से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।ईरान के प्रधानमंत्री मोदी
के पहले दौरे में वह आतंकवाद पर चर्चा करेंगे और एक तेजी से बढ़ती भारत
अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की संपत्ति को सुरक्षित करने का भी प्रयास
करेंगे।प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा से पूर्व अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट
की एक श्रृंखला में कहा कि मैं, राष्ट्रपति रूहानी के निमंत्रण पर आज और कल
ईरान की अपनी यात्रा के लिए बहुत उत्सुक हूँ। भारत और ईरान के मध्य
सभ्यतामूलक संबंध हैं और दोनों देशों के शांति, सुरक्षा, स्थिरता और
क्षेत्र की समृद्धि में साझा हित हैं। राष्ट्रपति रूहानी और ईरान के माननीय
सर्वोच्च नेता के साथ आयोजित बैठकों से हमारी सामरिक भागीदारी को आगे
बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा। संपर्क, व्यापार,निवेश, ऊर्जा साझेदारी,
संस्कृति और लोगों के मध्य संबंधों को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी। मैं
अपनी इस यात्रा के दौरान चाबहार समझौते के निष्कर्ष के लिए भी तत्पर हूं।
मैं तेहरान के गुरुद्वारे में जाऊंगा, और ‘भारत एवं ईरान संबंधों का
पुनरावलोकन और संभावना' पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करुंगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को राष्ट्रपति हसन रूहानी के बुलावे पर दो दिनों की ईरान यात्रा पर रवाना हो गये।यात्रा से पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वह
त्रिपक्षीय चाबहार बंदरगाह विकास के समझौते को लेकर उत्साहित हैं जिससे
भारत के सुरक्षा और आर्थिक सहयोगी और चारों ओर से जमीन से घिरे अफगानिस्तान
से संमुद्री संपर्क के मार्ग खुलेंगे।प्रधानमंत्री राष्ट्रपति रूहानी के
अलावा शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खमेनी से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने
आशा जताई कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का
मौका मिलेगा। कनेक्टिविटी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा साझेदारी, संस्कृति एवं
लोगों और लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा।चाबहार समझौते से शांति और स्थिरता
विशेष रूप से क्षेत्र और विस्तारित पड़ोस को लेकर नियमित विचार-विमर्श को
बढ़ावा मिलेगा। INDIA,TRAN AND AFGHANISTAN 23 मई को चाबहार बंदरगाह के
विकास से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।ईरान के प्रधानमंत्री मोदी
के पहले दौरे में वह आतंकवाद पर चर्चा करेंगे और एक तेजी से बढ़ती भारत
अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की संपत्ति को सुरक्षित करने का भी प्रयास
करेंगे।प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा से पूर्व अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट
की एक श्रृंखला में कहा कि मैं, राष्ट्रपति रूहानी के निमंत्रण पर आज और कल
ईरान की अपनी यात्रा के लिए बहुत उत्सुक हूँ। भारत और ईरान के मध्य
सभ्यतामूलक संबंध हैं और दोनों देशों के शांति, सुरक्षा, स्थिरता और
क्षेत्र की समृद्धि में साझा हित हैं। राष्ट्रपति रूहानी और ईरान के माननीय
सर्वोच्च नेता के साथ आयोजित बैठकों से हमारी सामरिक भागीदारी को आगे
बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा। संपर्क, व्यापार,निवेश, ऊर्जा साझेदारी,
संस्कृति और लोगों के मध्य संबंधों को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी। मैं
अपनी इस यात्रा के दौरान चाबहार समझौते के निष्कर्ष के लिए भी तत्पर हूं।
मैं तेहरान के गुरुद्वारे में जाऊंगा, और ‘भारत एवं ईरान संबंधों का
पुनरावलोकन और संभावना' पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करुंगा।
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