Sunday, 10 April 2016

14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर की जन्मभूमि महू में वृहद कुंभ का आयोजन नंदकुमारसिंह चौहान!

14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर की जन्मभूमि महू में वृहद कुंभ का आयोजन नंदकुमारसिंह चौहान!
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि संविधान शिल्पी डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की 125 वी जयंती का वर्ष हमारे लिए समरसता की विस्तार का वर्ष होगा। अनुसूचित जाति, जनजाति के बीच में हमें सेवा का स्वर्णिम अवसर मिला है इसका कार्यकर्ता भरपूर लाभ उठायेंगे। 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर की जन्मभूमि महू में वृहद कुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जो एक अद्वितीय कार्यक्रम है। देश विदेश से अनुयायी आते है और अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते है। मध्यप्रदेश सरकार ने अतिथि अभ्यागतों के स्वागत का दायित्व संभालकर अतिथि देवो भव: की भावना को मूत्र्तरूप दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता 14 अप्रैल बाबा साहेब अंबेडकर की जन्मभूमि महू पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। यह राजनैतिक दृष्टि से नहीं हमारी सामाजिक सरोकार के लिए आवष्यक है। हम राष्ट्र और समाज को संगठित करना चाहते है। ऐसा करके ही हम देश विरोधी शक्तियों के अलगाववाद के षडयंत्र को परास्त कर सकेंगे। श्री नंदकुमारसिंह चौहान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी एक वैचारिक अनुष्ठान में जुटी हुई है। हमें मंजिल पर पहुँचकर भी सक्रिय बने रहने का अभ्यास करना होगा। मंजिल पर पहुँचकर बने रहने के लिए हमें समर्पण और सक्रियता आवष्यक होती है। हम पार्टी में पद की खातिर नहीं पद के माध्यम से देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित होते है। उन्होंने 14 अप्रैल को महू में आयेाजित महाकुंभ में कार्यकर्ताओं की भागीदारी की आवष्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि आजाद हिन्दुस्तान में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के पंचतीर्थ को सज्जित करने में जितनी रूचि भारतीय जनता पार्टी और सरकार की रही है उतनी गैर भाजपा दलों और उनकी सरकारों की कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर को समर्पित पंचतीर्थ को संवारने के लिए भाजपा सरकार ने महू में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ भव्य स्मारक बनाया है। अलीपुर रोड दिल्ली में 110 करोड़ रू. लागत का स्मारक निर्माणाधीन है। चौहान ने कहा कि सिंहस्थ उज्जैन 20 अप्रैल से शुरू होगा और राज्य सरकार ने उसे नया स्वरूप और आगन्तुक साधु संतों की सुविधा के लिए हर दृष्टि से संवारा है। करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रू. खर्च हुए है। 400 करोड़ रू. लागत से नर्मदा जल का उद्वहन कर क्षिप्रा को जल से लबालब कर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सिंहस्थ में चरैवेति द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के अवसर पर अतिथि अभ्यागतों के स्वागत के लिए समयदान करें और कार्य में सहयोग करें। आपने ग्रामोदय से भारत उदय के कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह करते हुए केन्द्र ने इस अभियान को संक्षिप्त रखा है परंतु श्री शिवराजसिंह चौहान ने इसे विस्तार दिया है।

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