विधानसभा में उठा प्रदेश में गहराते पेयजल संकट का मुद्दा, विपक्ष का सदन में हंगामा
मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गुरुवार का दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष, खासकर कांग्रेस द्वारा प्रदेश में गहराते पेयजल संकट का मामला उठाते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया गया। हंगामे के चलते आज प्रश्नकाल तक शुरू नहीं हो पाया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई और उसके बाद नियम 139 के तहत चर्चा की व्यवस्था देने के बाद ही विपक्ष शांत हुआ और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ पाई।
कांग्रेस विधायक दल ने पहले ही तय कर लिया था कि आज विधानसभा में सरकार को पेयजल संकट के मुद्दे पर घेरना है। लिहाजा, विधानसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने प्रदेश में गहराते पेयजल संगट पर चर्चा करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके तहत जैसे ही आज प्रश्नकाल का समय हुआ तो कांग्रेस विधायकों ने पेयजल संकट पर चर्चा कराए जाने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस कारण प्रश्नकाल शुरू ही नहीं हो सका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा को विधानसभा की कार्यवाही दस मिनिट के लिए स्थगित करना पड़ी।जब दस मिनिट बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन ने कहा कि हमारे दल के सभी विधायकों का आग्रह है कि प्रदेश में पानी के संकट की स्थिति निर्मित हो रही है और इस पर सरकार के क्या इंतजाम हैं, सदन में चर्चा के बाद सामने आना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के पक्ष में रहती है, लेकिन कांग्रेस के सदस्य चर्चा नहीं हंगामा करते हैं।कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि पानी की बात कर रहे हैं तो यह हंगामा कहां से हो गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने यह व्यवस्था दी कि पेयजल संकट पर भोजनावकाश के बाद नियम 139 के तहत चर्चा की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस विधायक शांत हुए और विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद दिया।
मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गुरुवार का दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष, खासकर कांग्रेस द्वारा प्रदेश में गहराते पेयजल संकट का मामला उठाते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया गया। हंगामे के चलते आज प्रश्नकाल तक शुरू नहीं हो पाया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई और उसके बाद नियम 139 के तहत चर्चा की व्यवस्था देने के बाद ही विपक्ष शांत हुआ और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ पाई।
कांग्रेस विधायक दल ने पहले ही तय कर लिया था कि आज विधानसभा में सरकार को पेयजल संकट के मुद्दे पर घेरना है। लिहाजा, विधानसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने प्रदेश में गहराते पेयजल संगट पर चर्चा करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके तहत जैसे ही आज प्रश्नकाल का समय हुआ तो कांग्रेस विधायकों ने पेयजल संकट पर चर्चा कराए जाने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस कारण प्रश्नकाल शुरू ही नहीं हो सका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा को विधानसभा की कार्यवाही दस मिनिट के लिए स्थगित करना पड़ी।जब दस मिनिट बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन ने कहा कि हमारे दल के सभी विधायकों का आग्रह है कि प्रदेश में पानी के संकट की स्थिति निर्मित हो रही है और इस पर सरकार के क्या इंतजाम हैं, सदन में चर्चा के बाद सामने आना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के पक्ष में रहती है, लेकिन कांग्रेस के सदस्य चर्चा नहीं हंगामा करते हैं।कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि पानी की बात कर रहे हैं तो यह हंगामा कहां से हो गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने यह व्यवस्था दी कि पेयजल संकट पर भोजनावकाश के बाद नियम 139 के तहत चर्चा की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस विधायक शांत हुए और विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद दिया।

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