Wednesday, 9 March 2016

बारहवीं में आरक्षण निबंध पर मचा बबाल, पेपर सेटर, मॉडरेटर सस्पेंड प्रश्न को किया शून्य!

बारहवीं में आरक्षण निबंध पर मचा बबाल, पेपर सेटर, मॉडरेटर सस्पेंड प्रश्न को किया शून्य!
माध्यमिक शिक्षा मंडल के बारहवीं कक्षा के हिंदी के प्रश्नपत्र में जातिगत आरक्षण देश के लिए घातक विषय पर निबंध के सवाल को लेकर दूसरे दिन भी विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। सदन में हुए भारी हंगामे के चलते अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। आज प्रश्नकाल के समाप्त होते ही कांग्रेस के रामनिवास रावत ने अध्यक्ष की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि उन्होंने कल जो स्थगन दिया था उस पर आज चर्चा कराई जानी चाहिए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे इसका जवाब देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में पेपर सेटर और मॉडरेटर को निलंबित कर दिया गया है और प्रश्न को शून्य कर दिया है। उनका कहना था कि मामले में पूरी कार्यवाही कर दी गई है लिहाजा चर्चा कराने का अब कोई औचित्य नहीं है।संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सदन को बताया कि पेपर सेटर निजी स्कूल की टीचर वंदना व्यास को ब्लेक लिस्टेड कर दिया गया है और समन्वयक की जिम्मेदारी संभालने वाले संतोष स्वर्णकार को निलंबित कर दिया है। कांग्रेस विधायक जातिगत आरक्षण के निबंध को लेकर दिए गए स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता को लेकर अड़े रहे लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने कहा कि सरकार का जवाब आ गया है। स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता का मामला अभी विचाराधीन है। नरोत्तम मिश्रा के जवाब पर रावत ने कहा कि मामला सरकार की मंशा से जुड़ा है। जिन छात्रों ने इस प्रश्न का उत्तर दिया है उनका क्या दोष, प्रश्नपत्र के अंक किस आधार पर कम किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि विषय महत्वपूर्ण है लिहाजा सरकार को चर्चा कराना चाहिए।
छात्रों का हित प्रभावित नहीं उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि प्रश्न को शून्य कर दिया गया है। अब सौ अंकों की जगह प्रश्नपत्र 90 अंकों का होगा ऐसे में छात्रों के हित कहां प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाद जब रावत और कांगे्रसी सदस्यो ंने सरकार पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगा दिया।राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी से भड़का विपक्ष,जवाब में भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसके बाद हंगामा बढ़ गया और दोनों पक्षों के विधायक एक दूसरे पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाने लगे।

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