विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बनी अजीबोगरीब
स्थिति
मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार पुकारे जाने के बाद भी वन मंत्री ने उनको अनसुना कर दिया, क्योंकि मंत्रीजी दूसरे मंत्रियों से बातें करने में व्यस्त थे।दरअसल, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार प्रश्नकाल के दौरान अपनी सीट पर बैठकर पीछे बैठे दूसरे मंत्री साथियों से बातें कर रहे थे। वे चर्चा में इतने मशगूल हो गए कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा द्वारा पुकारे जाने पर उनका ध्यान ही नहीं गया। जब डॉ. शर्मा ने वन मंत्री को आसंदी से खड़े होकर पुकारा, तब जाकर उनका ध्यान बातों से हटा।हुआ यूं कि कांग्रेस विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना का सवाल जय किसान डॉट ओआरजी से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकार से अनुबंध संबंधी था, जिसमें वन मंत्री ने साफ तौर पर कहा दिया कि ऐसा कोई अनुबंध नहीं हुआ है। फिर उन्होंने संशोधित जवाब भी दिया, लेकिन संशोधित जवाब के साथ जब सुखेंद्र सिंह ने अपना पूरक प्रश्न किया तो मंत्री का ध्यान नहीं था, क्योंकि वे पीछे मुड़कर अपने साथी मंत्री से बातें करने में मशगूल हो गए। मामले को बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने संभाला।
मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार पुकारे जाने के बाद भी वन मंत्री ने उनको अनसुना कर दिया, क्योंकि मंत्रीजी दूसरे मंत्रियों से बातें करने में व्यस्त थे।दरअसल, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार प्रश्नकाल के दौरान अपनी सीट पर बैठकर पीछे बैठे दूसरे मंत्री साथियों से बातें कर रहे थे। वे चर्चा में इतने मशगूल हो गए कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा द्वारा पुकारे जाने पर उनका ध्यान ही नहीं गया। जब डॉ. शर्मा ने वन मंत्री को आसंदी से खड़े होकर पुकारा, तब जाकर उनका ध्यान बातों से हटा।हुआ यूं कि कांग्रेस विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना का सवाल जय किसान डॉट ओआरजी से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकार से अनुबंध संबंधी था, जिसमें वन मंत्री ने साफ तौर पर कहा दिया कि ऐसा कोई अनुबंध नहीं हुआ है। फिर उन्होंने संशोधित जवाब भी दिया, लेकिन संशोधित जवाब के साथ जब सुखेंद्र सिंह ने अपना पूरक प्रश्न किया तो मंत्री का ध्यान नहीं था, क्योंकि वे पीछे मुड़कर अपने साथी मंत्री से बातें करने में मशगूल हो गए। मामले को बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने संभाला।

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