सिंहस्थ 2016 पर मंत्रि-परिषद उप समिति की बैठक,समस्याओं का तत्काल समाधान करें श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंहस्थ 2016 के लिए गठित
मंत्रि-परिषद की उप समिति की बैठक में सिंहस्थ की गतिविधियों और चल रहे
कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभाग के प्रमुख
सचिवों को निर्देश दिए कि वे एक टीम के रूप में सिंहस्थ मेला-स्थल का
अवलोकन करें और बचे हुए कार्यों को मार्च के अंत तक पूरा करवायें। श्री
चौहान ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा,
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गृह विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा
की।बैठक में बताया गया कि सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। उज्जैन शहर
सिंहस्थ के लिए तैयार हो चुका है। कुछ तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं, जो
मार्च के आखिर तक पूरी कर ली जाएँगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ का
आयोजन भव्य और गरिमापूर्ण होना चाहिए। संत समाज और आम श्रद्धालुओं को किसी
भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होना चाहिए। यह सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल
है। सिंहस्थ 2016 कई अर्थों में विश्व का अनूठा आयोजन है। इसके लिए
धनराशि की कोई कमी नहीं है। जो काम अधूरे रह गए हैं उन्हें तत्काल निर्णय
लेकर पूरा करें। यह समय समन्वय के साथ एकजुटता के साथ काम करने का है।
उन्होंने स्थानीय शासन, प्रशासन और राज्य स्तर पर एक टीम के रूप में मिलकर
काम करने के निर्देश दिये।बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया,
उज्जैन जिले के प्रभारी और परिवहन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह, जनसंपर्क
मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, संस्कृति मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, नगरीय
विकास और पर्यावरण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, मुख्य सचिव श्री
अंटोनी डिसा और संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंहस्थ 2016 के लिए गठित
मंत्रि-परिषद की उप समिति की बैठक में सिंहस्थ की गतिविधियों और चल रहे
कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभाग के प्रमुख
सचिवों को निर्देश दिए कि वे एक टीम के रूप में सिंहस्थ मेला-स्थल का
अवलोकन करें और बचे हुए कार्यों को मार्च के अंत तक पूरा करवायें। श्री
चौहान ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा,
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गृह विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा
की।बैठक में बताया गया कि सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। उज्जैन शहर
सिंहस्थ के लिए तैयार हो चुका है। कुछ तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं, जो
मार्च के आखिर तक पूरी कर ली जाएँगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ का
आयोजन भव्य और गरिमापूर्ण होना चाहिए। संत समाज और आम श्रद्धालुओं को किसी
भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होना चाहिए। यह सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल
है। सिंहस्थ 2016 कई अर्थों में विश्व का अनूठा आयोजन है। इसके लिए
धनराशि की कोई कमी नहीं है। जो काम अधूरे रह गए हैं उन्हें तत्काल निर्णय
लेकर पूरा करें। यह समय समन्वय के साथ एकजुटता के साथ काम करने का है।
उन्होंने स्थानीय शासन, प्रशासन और राज्य स्तर पर एक टीम के रूप में मिलकर
काम करने के निर्देश दिये।बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया,
उज्जैन जिले के प्रभारी और परिवहन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह, जनसंपर्क
मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, संस्कृति मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, नगरीय
विकास और पर्यावरण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, मुख्य सचिव श्री
अंटोनी डिसा और संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।
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