विधानसभा बजट सत्र के पहले बदलेगा मंत्रिमंडल शिवराज सिंह चौहान!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्यप्रदेश यात्रा के बाद यह तय हो गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा के बजट सत्र के पहले कैबिनेट का विस्तार करेंगे। जिसमें कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी तय है और नए लोगों की ताजपोशी होगी। हाईकमान ने शिवराज को कैबिनेट विस्तार के लिए फ्रीहैंड दे दिया है।मध्यप्रदेश में कैबिनेट विस्तार बहुत लंबे समय से प्रतीक्षित है। इस सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित सभी से अलग-अलग दौर की चर्चा हो चुकी है। मेरी कैबिनेट के सहयोगी गरीब, मध्यमवर्गीय और प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के प्रति निष्पक्ष ईमानदारी से काम करें यही अपेक्षा है।कैबिनेट विस्तार 23 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के पहले हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी संगठन स्तर पर शीर्ष नेताओं से चर्चा कर नए मंत्रियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अंजाम देना शुरू कर दिया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार कैबिनेट विस्तार के सिलसिले में वर्तमान कैबिनेट और राज्यमंत्रियों के विभागों की समीक्षा खुद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के परफारमेंस को परखने के लिए जमीनी स्तर पर भी पार्टी संगठन और आम लोगों से फीडबैक लिया है। मंत्रिमंडल में बने रहने के लिए मुख्यमंत्री का मूल्यांकन रिपोर्ट कार्ड ही असरकारक साबित होगा।मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। इनमें भोपाल के विश्वास सारंग, इंदौर के रमेश मैंदोला, सुदर्शन गुप्ता, बुरहानपुर की अर्चना चिटनिस, धार जिले की रंजना बघेल, महाकौशल क्षेत्र से चंद्रभान सिंह, संजय शर्मा शामिल हैं। उनके अलावा कैबिनेट में जातीय संतुलन के मद्देनजर लोधी समाज के दो युवा विधायकों और मांझी समाज से जुड़े नारायण सिंह कुशवाह और महेंद्र हार्डिया भी कैबिनेट के लिए दस्तक दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्यप्रदेश यात्रा के बाद यह तय हो गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा के बजट सत्र के पहले कैबिनेट का विस्तार करेंगे। जिसमें कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी तय है और नए लोगों की ताजपोशी होगी। हाईकमान ने शिवराज को कैबिनेट विस्तार के लिए फ्रीहैंड दे दिया है।मध्यप्रदेश में कैबिनेट विस्तार बहुत लंबे समय से प्रतीक्षित है। इस सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित सभी से अलग-अलग दौर की चर्चा हो चुकी है। मेरी कैबिनेट के सहयोगी गरीब, मध्यमवर्गीय और प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के प्रति निष्पक्ष ईमानदारी से काम करें यही अपेक्षा है।कैबिनेट विस्तार 23 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के पहले हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी संगठन स्तर पर शीर्ष नेताओं से चर्चा कर नए मंत्रियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अंजाम देना शुरू कर दिया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार कैबिनेट विस्तार के सिलसिले में वर्तमान कैबिनेट और राज्यमंत्रियों के विभागों की समीक्षा खुद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के परफारमेंस को परखने के लिए जमीनी स्तर पर भी पार्टी संगठन और आम लोगों से फीडबैक लिया है। मंत्रिमंडल में बने रहने के लिए मुख्यमंत्री का मूल्यांकन रिपोर्ट कार्ड ही असरकारक साबित होगा।मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। इनमें भोपाल के विश्वास सारंग, इंदौर के रमेश मैंदोला, सुदर्शन गुप्ता, बुरहानपुर की अर्चना चिटनिस, धार जिले की रंजना बघेल, महाकौशल क्षेत्र से चंद्रभान सिंह, संजय शर्मा शामिल हैं। उनके अलावा कैबिनेट में जातीय संतुलन के मद्देनजर लोधी समाज के दो युवा विधायकों और मांझी समाज से जुड़े नारायण सिंह कुशवाह और महेंद्र हार्डिया भी कैबिनेट के लिए दस्तक दे रहे हैं।

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