हरियाणा में हिंसा बरकरार, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई,स्थिति तनावपूर्ण!
हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) पीके दास ने रविवार को कहा कि जाट
आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में आज दो और लोगों की मौत हो गई। इस
तरह से मरने वालों की संख्या 12 हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो
गए।हरियाणा में हिंसा के बाद कई स्थानों पर सेना तैनात कर दी गई है और
3,300 अर्धसैनिक बलों को राज्य सरकार की मदद के लिए भेजा गया है। राज्य में
आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन हिंसक होने के बाद आज राज्य
के नौ जिलों में सेना बुला ली गयी और रोहतक तथा भिवानी में कर्फ्यू लगाने
के साथ ही हिंसा भड़काने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए
गए हैं।आंदोलनकारियों ने जींद जिले के जुलाना में रविवार दोपहर पूर्व
मंत्री सतनारायण लाकड़ की एक गाड़ी को आग लगा दी तथा उनकी पिटाई कर दी।
उपद्रवियों की दहशत से गैर जाट समुदाय के लोगों में खौफ बना हुआ है। पिछले
चौबीस घंटों के दौरान उपद्रवियों ने राज्य के प्रभावित जिलों में बसों,
दुकानों, मॉल, पेट्रोल पंप, शो रूम, पुलिस थानों और वाहनों को फूंक दिया और
जमकर लूटपाट की। इसके अलावा कई रेलवे स्टेशनों में आग लगा दी तथा ट्रेन की
बोगी को भी आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने रेलवे की संपत्ति को काफी
नुकसान पहुंचाया है।राज्य में दस लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हो
गए। इसके साथ ही 191 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं तथा
करीब पचास लोगों को गिरफ्तार किया गया है।अंबाला दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग
पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा रखा है और दिल्ली को पानी की
आपूर्ति की बहाली की कोशिश जारी है। प्रदर्शनारियों ने कल मुनक नहर का पानी
दिल्ली के बजाय कहीं और मोड़ दिया था। अब वहां अर्ध सैनिक बल पहुंच गए
हैं।सबसे अधिक हिंसा प्रभावित जींद जिले में स्थिति नियंत्रण में लेकिन
तनावपूर्ण बनी हुई है। उग्र भीड़ के हिंसक होने पर राज्य के रोहतक, भिवानी,
झज्जर, जींद, सोनीपत, हिसार जिलों और हांसी शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया
है। पुलिस के नाकाम रहने के कारण पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में कमी
नहीं आई और सेना बुलानी पड़ी। सभी राजमार्ग जाम होने के कारण सेना को
हेलीकॉप्टरों से उतारना पड़ा।हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण स्थिति अशांत
तथा तनावपूर्ण होने पर कैथल प्रशासन ने कैथल तथा कलायत कस्बे में रविवार
कर्फ्यू लगा दिया तथा सेना तथा पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। गत शनिवार को
हिंसक झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण थी।जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से करीब
1000 ट्रेनें प्रभवित हुई हैं, 736 ट्रेनें रद्द कर दी गईं जबकि 105
ट्रेनों के रास्ते बदल दिए गए, तथा रेलवे को 200 करोड़ रुपये का नुकसान
पहुंचा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आंदोलनकारियों से रेल लाइनें बाधित नहीं
करने और रेलवे की संपत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की है। रेल
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,
चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर में महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर जाट आरक्षण आंदोलन
का बहुत बुरा असर पड़ा है।
हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) पीके दास ने रविवार को कहा कि जाट
आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में आज दो और लोगों की मौत हो गई। इस
तरह से मरने वालों की संख्या 12 हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो
गए।हरियाणा में हिंसा के बाद कई स्थानों पर सेना तैनात कर दी गई है और
3,300 अर्धसैनिक बलों को राज्य सरकार की मदद के लिए भेजा गया है। राज्य में
आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन हिंसक होने के बाद आज राज्य
के नौ जिलों में सेना बुला ली गयी और रोहतक तथा भिवानी में कर्फ्यू लगाने
के साथ ही हिंसा भड़काने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए
गए हैं।आंदोलनकारियों ने जींद जिले के जुलाना में रविवार दोपहर पूर्व
मंत्री सतनारायण लाकड़ की एक गाड़ी को आग लगा दी तथा उनकी पिटाई कर दी।
उपद्रवियों की दहशत से गैर जाट समुदाय के लोगों में खौफ बना हुआ है। पिछले
चौबीस घंटों के दौरान उपद्रवियों ने राज्य के प्रभावित जिलों में बसों,
दुकानों, मॉल, पेट्रोल पंप, शो रूम, पुलिस थानों और वाहनों को फूंक दिया और
जमकर लूटपाट की। इसके अलावा कई रेलवे स्टेशनों में आग लगा दी तथा ट्रेन की
बोगी को भी आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने रेलवे की संपत्ति को काफी
नुकसान पहुंचाया है।राज्य में दस लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हो
गए। इसके साथ ही 191 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं तथा
करीब पचास लोगों को गिरफ्तार किया गया है।अंबाला दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग
पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा रखा है और दिल्ली को पानी की
आपूर्ति की बहाली की कोशिश जारी है। प्रदर्शनारियों ने कल मुनक नहर का पानी
दिल्ली के बजाय कहीं और मोड़ दिया था। अब वहां अर्ध सैनिक बल पहुंच गए
हैं।सबसे अधिक हिंसा प्रभावित जींद जिले में स्थिति नियंत्रण में लेकिन
तनावपूर्ण बनी हुई है। उग्र भीड़ के हिंसक होने पर राज्य के रोहतक, भिवानी,
झज्जर, जींद, सोनीपत, हिसार जिलों और हांसी शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया
है। पुलिस के नाकाम रहने के कारण पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में कमी
नहीं आई और सेना बुलानी पड़ी। सभी राजमार्ग जाम होने के कारण सेना को
हेलीकॉप्टरों से उतारना पड़ा।हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण स्थिति अशांत
तथा तनावपूर्ण होने पर कैथल प्रशासन ने कैथल तथा कलायत कस्बे में रविवार
कर्फ्यू लगा दिया तथा सेना तथा पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। गत शनिवार को
हिंसक झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण थी।जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से करीब
1000 ट्रेनें प्रभवित हुई हैं, 736 ट्रेनें रद्द कर दी गईं जबकि 105
ट्रेनों के रास्ते बदल दिए गए, तथा रेलवे को 200 करोड़ रुपये का नुकसान
पहुंचा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आंदोलनकारियों से रेल लाइनें बाधित नहीं
करने और रेलवे की संपत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की है। रेल
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,
चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर में महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर जाट आरक्षण आंदोलन
का बहुत बुरा असर पड़ा है।
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