भारत और रूस के बीच परमाणु उर्जा समेत कई क्षेत्रों में करार मुमकिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने क्रेमलिन में व्यक्तिगत बातचीत के लिए मेजबानी की जहां दोनों नेताओं ने दोनों देशों के परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच 10 क्षेत्रों में हो सकता है।बैठक के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति पुतिन से मिला और भारत-रूस संबंधों पर बातचीत की। बैठक फलदायी रही।’ मोदी सालाना शिखर वार्ता के लिए मास्को पहुंचे जहां उनका शानदार स्वागत किया गया। पुतिन ने मोदी के लिए व्यक्तिगत रात्रिभोज का आयोजन भी किया।मोदी और पुतिन कल क्रेमलिन में 16वीं भारत रूस सालाना शिखर वार्ता करेंगे। समझा जाता है कि इसके बाद दोनों पक्ष रक्षा, परमाणु उर्जा, हाइड्रो कार्बन और व्यापार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।‘खास और विशेषाधिकारों वाले रणनीतिक संबंधों’ के तहत वर्ष 2000 से बारी-बारी से एक वर्ष मास्को में और एक वर्ष और नयी दिल्ली में यह द्विपक्षीय वार्ता होती है। परमाणु उर्जा के क्षेत्र में, समझा जाता है कि भारत आंध्रप्रदेश में कुडणकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र की पांचवी और छठी यूनिटों की स्थापना के लिए एक स्थल की पेशकश करेगा। नए संयंत्र ‘मेक इन इंडिया’ पहल के व्यापक सिद्धांतों के अनुरूप होंगे और इस संबंध में कल फैसले को अंतिम रूप दिया जा सकता है। समझा जाता है कि दोनों देश कुछ रक्षा सौदों को भी अंतिम रूप देंगे।पिछले सप्ताह भारत के रक्षा मंत्रालय की शीर्ष अभिग्रहण परिषद ने 40,000 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से रूसी एस, 400 ट्रिम्फ वायु रक्षा प्रक्षेपास्त्र प्रणालियों की खरीद की मंजूरी दे दी थी और कल कुछ अन्य सौदों सहित इस सौदे की घोषणा की जा सकती है। द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा, मोदी और पुतिन सीरिया में हालात तथा आतंकवाद से निपटने के उपायों सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार कर सकते हैं। पुतिन के साथ यह मोदी की दूसरी शिखर वार्ता है। पुतिन पिछले साल 15वें भारत रूस शिखर सम्मेलन के लिए भारत गए थे।

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