डीडीसीए करेगा कीर्ति आजाद और केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज
डीडीसीए ने भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगाने के लिये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंदगी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यवाहक अध्यक्ष चेतन चौहान ने कहा कि राज्य क्रिकेट संघ के खिलाफ कई झूठे आरोप लगाये गये हैं और उसे इस तरह की गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। कोषाध्यक्ष रविंदर मनचंदा ने कहा कि डीडीसीए केजरीवाल, आजाद और संवाददाता सम्मेलन में मौजूद अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगा जिन्होंने डीडीसीए में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाये हैं। चौहान ने कहा कि तीन एजेंसियां पहले ही डीडीसीए के खिलाफ मामलों की जांच कर रही है और 'आप' सरकार ने जो नई जांच समिति बिठायी है उसकी कोई जरूरत नहीं है।आप के नेता आशुतोष ने दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त बी के गुप्ता और तत्कालीन विशेष आयुक्त रंजीत नारायण को कथित रूप से जेटली द्वारा लिखे दो पत्रों को जारी किया। यह दावा किया गया है कि इन पत्रों में जेटली ने दोनों अधिकारियों से अपील की थी कि वे मामले को सही से देखें और मामले को बंद कर दें क्योंकि डीडीसीए ने कुछ गलत नहीं किया था। ताजा खुलासे के बाद पार्टी ने जेटली के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया है। कथित रूप से गुप्ता को लिखा गया पत्र 27 अक्तूबर 2011 का और नारायण को लिखा पत्र पांच मई 2012 का है। डीडीसीए ने इन आरोपों का यह कहकर बचाव किया कि इस मामले में कुछ भी गड़बड़ नहीं थी और बैक ने अपने दावे को पुख्ता करने के लिये जो पत्र दिये थे, क्रिकेट संघ ने उन्हें भी जारी किया। सिंडिकेट बैंक क्लब के मामले में बात करते हुए खेल सचिव सुनील देव ने कहा कि अध्यक्ष अरुण जेटली ने ये पत्र लिखकर कुछ भी गलत नहीं किया है। देव ने कहा, ‘उन्होंने (जेटली) कुछ भी गलत नहीं किया। उन्हें अपने संघ का बचाव करने का पूरा अधिकार था।’ इस मामले की विस्तार से जानकारी देते हुए देव ने कहा कि सिंडिकेट ने 2005 में अपनी टीम नहीं उतारने का फैसला किया और उसके एक कर्मचारी भोला शंकर ने तब बैंक से यह अनुमति लेने के लिये संपर्क किया कि क्या वह टीम उतार सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘यह मामला अपराध शाखा के पास था और डीडीसीए ने भी अपनी जांच करवायी थी। कुछ भी नहीं पाया गया था। इसलिए ये सभी आरोप आधारहीन हैं।’ चौहान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कई गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं जैसे कि टीम में चयन के लिये डीडीसीए सदस्यों द्वारा यौन संबंध बनाने की मांग और आयु वर्ग में चयन के लिये पैसों की मांग। उन्होंने कहा, ‘डीडीसीए के खिलाफ लगाये गये ये गंभीर आरोप हैं। आप यूं ही बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते हैं। हमें सबूत भी चाहिए। यदि इस तरह के आरोप हैं तो हमें इनके बारे में कुछ भी पता नहीं है। हमसे कभी किसी ने कोई शिकायत नहीं की।’
No comments:
Write comments