Tuesday, 24 November 2015

दक्षिण अफ्रीका के लिए करो या मरो का मुकाबला, भारत का पलड़ा भारी

बेंगलुरु में दूसरा टेस्ट बारिश में धुलने के बाद चार मैचों की श्रृंखला में 1.0 से आगे भारतीय टीम बुधवार से यहां शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को हराकर श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी । जामथा में वीसीए स्टेडियम की पिच सूखी लग रही है जिस पर स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारत का पलड़ा भारी रहेगा जिसका स्पिन आक्रमण बेहतर है । बेंगलूर में दूसरे टेस्ट में पहले दिन के बाद बारिश के कारण कोई खेल नहीं हो सका था जबकि मोहाली में पहला टेस्ट तीन दिन के भीतर खत्म हो गया था । अभी तक दक्षिण अफ्रीका ने तीन मुकम्मिल पारियों में 184, 109 और 214 रन बनाये हैं ।दक्षिण अफ्रीका के लिये करो या मरो के तीसरे मुकाबले में भारतीय स्पिन आक्रमण बड़ी चुनौती साबित होगा । चौथा और आखिरी टेस्ट तीन दिसंबर से दिल्ली में खेला जायेगा । मोहाली में पहले टेस्ट में सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और तीसरे नंबर पर उतरे चेतेश्वर पुजारा को छोड़कर भारत का कोई बल्लेबाज चल नहीं सका था लेकिन कम स्कोर वाले उस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने जीत दिलाई । बेंगलूरू में सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का फार्म में लौटना सुखद रहा जिन्होंने नाबाद 45 रन बनाये । मोहाली में पहले मैच में विजय ने 75 और 47 रन बनाये थे और उनका मानना है कि भारत की बल्लेबाजी चिंता का सबब नहीं है। विजय ने कहा ,‘टीम का मनोबल ऊंचा है क्योंकि मोहाली में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और बेंगलूर में पहला दिन हमारे पक्ष में रहा । मुझे नहीं लगता कि बल्लेबाजी चिंता का सबब है क्योकि हर कोई बड़ी पारी से एक मैच दूर है और इस मैच में वह हो सकता है।’ 
भारतीय स्पिन आक्रमण का जिम्मा शानदार फार्म में चल रहे आर अश्विन और रविंद्र जडेजा संभालेंगे । दूसरे टेस्ट से बाहर रहे लेग स्पिनर अमित मिश्रा की वापसी हो सकती है चूंकि भारत इस पिच पर त्रिकोणीय स्पिन आक्रमण लेकर उतर सकता है । दक्षिण अफ्रीका के वनडे कप्तान एबी डिविलियर्स ने बेंगलूर में अपने 100वें टेस्ट में 85 रन बनाये थे । मिश्रा ने मोहाली में दोनों पारियों में डिविलियर्स को आउट किया था और उनकी टक्कर यहां भी रोचक होगी ।
दक्षिण अफ्रीका के लिये अगर कप्तान हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिसफार्म में नहीं लौटते तो 2006 के बाद से विदेशी सरजमीं पर एक भी टेस्ट नहीं गंवाने की उनकी उपलब्धि खतरे में होगी । अमला ने पांच साल पहले इस मैदान पर 253 रन बनाये थे और इसके बाद डेल स्टेन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में सात विकेट लिये थे । दक्षिण अफ्रीका को उम्मीद है कि उसके कप्तान इस मैदान पर फार्म में लौटेंगे जो टी20 और वनडे मैचों में कुछ खास नहीं कर पाये । तेज गेंदबाज स्टेन का खेलना तय नहीं है जो ग्रोइन की चोट से जूझ रहे हैं ।पांच साल पहले यहां मिली जीत में स्टेन ने 10 विकेट लिये थे और यदि वह अनफिट रहते हैं तो मेहमान टीम के लिये यह बड़ा झटका होगा । स्टेन ने कल कुछ ही देर नेट्स पर गेंदबाजी की । तेज गेंदबाजी में स्टेन के जोड़ीदार मोर्नी मोर्कल ने कहा ,‘ डेल ने सुबह गेंदबाजी की जिसे देखकर अच्छा लगा । हम उसकी फिटनेस पर नजर रखे हुए हैं और कल नौ बजे तक उसके खेलने पर फैसला होगा ।’ दक्षिण अफ्रीका ने स्टेन के कवर के तौर पर मर्चेंट डि लांगे को बुलाया है लेकिन देखना यह है कि बिना किसी तैयारी के वह मैदान पर उतरते हैं या नहीं । तेज गेंदबाज वेर्नोन फिलैंडर पहले ही बाहर हैं जिनकी जगह काइल एबोट बेंगलूर मैच में खेले थे ।मोर्कल ने कहा ,‘हमारे लिये मानसिक तैयारी काफी अहम है , खासकर रिवर्स स्विंग कराना । रिवर्स स्विंग हमारी बड़ी ताकत रही है और उसी के दम पर हमें अतीत में भारत में सफलता मिली है ।’

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