जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर चुनाव आयोग करे सदस्यता समाप्त : कांग्रेस
भोपाल,
03 मई। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता श्री के.के. मिश्रा ने वर्ष
2009 से जाति प्रमाण पत्र को लेकर चर्चा में रहीं बैतूल सांसद सुश्री
ज्योति धुर्वे का उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जाति प्रमाण पत्र फर्जी
पाये जाने के बाद उसे निरस्त किये जाने के पारित आदेश के परिप्रेक्ष्य में
भारत निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि वह तत्काल प्रभाव से सुश्री धुर्वे
की लोकसभा की सदस्यता न केवल समाप्त करें, वरन् उनके विरूद्व फर्जी प्रमाण
पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित बैतूल लोकसभा संसदीय
निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन में भाग लेकर चुनाव आयोग से धोखाधड़ी, फर्जी
प्रमाण पत्र को असल रूप में प्रस्तुत करने को लेकर उनके विरूद्व भादसं में
उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन की
कार्यवाही की जाये एवं सांसद के रूप में प्राप्त वेतन भत्ते, अन्य सुविधाओं
में खर्च हुई व्यय राशि की भी वसूली की जाये।
श्री मिश्रा
ने 9 वर्षों से इस विचाराधीन प्रकरण को राजनैतिक दबाववश लंबित रखे जाने को
लेकर आदिवासी विकास विभाग की भी आलोचना करते हुए कहा कि इससे संबद्ध उन
अधिकारियों के विरूद्व भी इस षड्यंत्र में शामिल होने की जांच कर उनके
विरूद्व भी अभियोजन की कार्यवाही की जाये, क्योंकि आदिवासी विकास विभाग के
सहयोग के कारण ही सुश्री धुर्वे ने बैतूल संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से उन
योग्य और पात्र आदिवासी प्रत्याशियों के अधिकारों को भी उनके अधिकार से भी
वंचित किया है, जो एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, अन्यथा आदिवासी
विकास विभाग स्पष्ट करे कि सिर्फ एक छोटी सी जांच में उसे इतना अधिक वक्त
क्यों और किसके दबाव में लगा?
श्री मिश्रा ने भारतीय जनता
पार्टी को भी इस अपराध में सहभागी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े
आदिवासी बाहुल्य प्रदेश में उसके पास क्या कोई भी असल आदिवासी प्रत्याशी
नहीं मिला, जिसे लेकर भाजपा को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए समूचे
आदिवासी समुदाय से माफी मांगना चाहिए।

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