ईवीएम पर बाद विवाद पैदा हो गया है।
ईवीएम की पोल खुलने पर कलेक्टर,एसपी समेत एक दर्जन अफसरों को हटाने के निर्देश
भोपाल। भिंड जिले की अटेर विधानसभा मे होने वाले उपचुनाव के लिए परीक्षण के दौरान ईवीएम में कथित गड़बड़ी सामने आने का मामला गहरा गया है। इस मामले में भिंड कलेक्टर और एसपी सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि कल परीक्षण के दौरान ईवीएम में से कमल की पर्ची निकलने के बाद विवाद पैदा हो गया है।
आज भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ युवा नेता रुद्राक्ष तिवारी
ने evm मशीन के षडयंत्र वावत अपना जवाब दिया ।
बहुत अच्छी योजना बनायी गयी कांग्रेस द्वारा evm मशीन को पहले से खराब
करवाने के बाद उसकी जांच हुयी ।
मशीन और योजना बीजेपी को बदनाम करने की पहले से थी मगर जनता का विस्वास
कैसे जीतोगे । खेर इस बात का जवाब जनता अपना पूर्ण बहुमत देकर देगी ।
आदरणीय शिवराज सिंह चौहान एवं समस्त कार्यकताओ के नेतृत्व में अटेर विधान
चुनाव जीत कर इस गन्दी राजनीती का जवाब मिलेगा।
अगर हमें ये सब करना आता होता तो विस्वास मानिये हम 60 साल से सरकार चला
रहे होते न की कांग्रेस ।
साच को आंच नहीं बुरी करनी का वुरा नतीजा होता है ।कांग्रेस को बुद्धि दे
ईश्वर।
कांग्रेस के आरोप
पार्टी का यह भी गंभीर आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकारें तानाशाही और अधिनायकवादी रवैया अपनाकर ईव्हीएम-एटीएम मशीनों के माध्यम से जनादेश न केवल खरीद रहीं हैं, बल्कि चुनावों के माध्यम से होने वाले लोकतांत्रिक अनुष्ठानों में राजनैतिक/ प्रशासनिक डकैती कर लोकतंत्र की हत्या भी कर रही हैं। यही नहीं, मीडिया को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जेल भेजने की दी गई धमकी भी इस बात का प्रमाण है कि निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्यों व उद्देश्यों से हटकर भाजपा के पक्ष मंे जनादेश उपलब्ध कराने हेतु उसके एजेंट के रूप में काम कर रहा है
चुनाव आयोग का रवैया
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर और एसपी के अलावा राजस्व, पुलिस, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के 19 अधिकारी भी हटाए जाएंगे। खबर लिखे जाने तक राज्य सरकार ने आदेश जारी नहीं किए थे।
बताया जाता है कि चुनाव आयोग ने भिंड कलेक्टर और एसपी सहित 14 अधिकारियों को हटाने के लिए सीएस को निर्देश दिए हैं। इस बारे में दोनों पदों के लिए पैनल मांगा गया है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग विशेष पर्यवेक्षक भेज सकता है। चुनाव आयोग की टीम ईवीएम की जांच भी करेगी।
वहीं प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने ई वीएम में टेम्परिंग के आरोपों को ख़ारिज किया है। उन्होंने कहा कि अटेर में दो बार बटन दबाई गई थी, एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की पर्ची निकली।
सलीना सिंह ने पत्रकारों की मांग पर डेमो दिया था। मशीन में उम्मीदवार की सूची नहीं होना बताया गया साथ ही कहा गया कि मशीन टेम्पर होना असंभव है।वीवीपेट का यह डेमो जिला पंचायत सभागार में हुआ था। इस दौरान कलेक्टर इलैया राजा टी और एसपी अनिल सिंह भी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से मीडिया की उन खबरों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा जा रहा है कि डेमो के दौरान वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से केवल भाजपा के निशान वाली पर्चियां ही निकल रहीं थीं।
ईवीएम की पोल खुलने पर कलेक्टर,एसपी समेत एक दर्जन अफसरों को हटाने के निर्देश
भोपाल। भिंड जिले की अटेर विधानसभा मे होने वाले उपचुनाव के लिए परीक्षण के दौरान ईवीएम में कथित गड़बड़ी सामने आने का मामला गहरा गया है। इस मामले में भिंड कलेक्टर और एसपी सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि कल परीक्षण के दौरान ईवीएम में से कमल की पर्ची निकलने के बाद विवाद पैदा हो गया है।
आज भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ युवा नेता रुद्राक्ष तिवारी
ने evm मशीन के षडयंत्र वावत अपना जवाब दिया ।
बहुत अच्छी योजना बनायी गयी कांग्रेस द्वारा evm मशीन को पहले से खराब
करवाने के बाद उसकी जांच हुयी ।
मशीन और योजना बीजेपी को बदनाम करने की पहले से थी मगर जनता का विस्वास
कैसे जीतोगे । खेर इस बात का जवाब जनता अपना पूर्ण बहुमत देकर देगी ।
आदरणीय शिवराज सिंह चौहान एवं समस्त कार्यकताओ के नेतृत्व में अटेर विधान
चुनाव जीत कर इस गन्दी राजनीती का जवाब मिलेगा।
अगर हमें ये सब करना आता होता तो विस्वास मानिये हम 60 साल से सरकार चला
रहे होते न की कांग्रेस ।
साच को आंच नहीं बुरी करनी का वुरा नतीजा होता है ।कांग्रेस को बुद्धि दे
ईश्वर। कांग्रेस के आरोप
पार्टी का यह भी गंभीर आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकारें तानाशाही और अधिनायकवादी रवैया अपनाकर ईव्हीएम-एटीएम मशीनों के माध्यम से जनादेश न केवल खरीद रहीं हैं, बल्कि चुनावों के माध्यम से होने वाले लोकतांत्रिक अनुष्ठानों में राजनैतिक/ प्रशासनिक डकैती कर लोकतंत्र की हत्या भी कर रही हैं। यही नहीं, मीडिया को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जेल भेजने की दी गई धमकी भी इस बात का प्रमाण है कि निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्यों व उद्देश्यों से हटकर भाजपा के पक्ष मंे जनादेश उपलब्ध कराने हेतु उसके एजेंट के रूप में काम कर रहा है
चुनाव आयोग का रवैया
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर और एसपी के अलावा राजस्व, पुलिस, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के 19 अधिकारी भी हटाए जाएंगे। खबर लिखे जाने तक राज्य सरकार ने आदेश जारी नहीं किए थे।
बताया जाता है कि चुनाव आयोग ने भिंड कलेक्टर और एसपी सहित 14 अधिकारियों को हटाने के लिए सीएस को निर्देश दिए हैं। इस बारे में दोनों पदों के लिए पैनल मांगा गया है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग विशेष पर्यवेक्षक भेज सकता है। चुनाव आयोग की टीम ईवीएम की जांच भी करेगी।
वहीं प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने ई वीएम में टेम्परिंग के आरोपों को ख़ारिज किया है। उन्होंने कहा कि अटेर में दो बार बटन दबाई गई थी, एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की पर्ची निकली।
सलीना सिंह ने पत्रकारों की मांग पर डेमो दिया था। मशीन में उम्मीदवार की सूची नहीं होना बताया गया साथ ही कहा गया कि मशीन टेम्पर होना असंभव है।वीवीपेट का यह डेमो जिला पंचायत सभागार में हुआ था। इस दौरान कलेक्टर इलैया राजा टी और एसपी अनिल सिंह भी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से मीडिया की उन खबरों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा जा रहा है कि डेमो के दौरान वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से केवल भाजपा के निशान वाली पर्चियां ही निकल रहीं थीं।

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