Wednesday, 26 April 2017

मनरेगा में मशीनों से हो रहा है काम, प्रदेश से बड़े पैमाने पर मजदूर कर रहे पलायन: कांग्रेस

मनरेगा में मशीनों से हो रहा है काम, प्रदेश से बड़े पैमाने पर मजदूर कर रहे पलायन: कांग्रेस

 
भोपाल, 26 अप्रैल। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्री रवि सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में पंजीकृत मजदूरों के लिए मनरेगा छलावा साबित हो रहा है। मनरेगा में बड़ी तादात में मशीनों से काम होने के कारण प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से विगत एक वर्ष में लाखों की संख्या में मजदूर वर्ग पलायन कर अन्य प्रदेश में काम-काज तलाश रहा है।
श्री सक्सेना ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार चरम पर है, योजना में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में 21 लाख 62 हजार 300 मजदूरों के जाब कार्ड फर्जी बताकर रद्द कर दिये गये हैं, जिससे बेरोजगार होकर दूसरे प्रदेशों में पलायन करने पर विवश हो रहे हैं। शेष बचे मनरेगा मजदूरों को भी राज्य सरकार काम उपलब्ध नहीं करा पा रही है, स्थिति इतनी विकट है कि मध्यप्रदेश में मनरेगा के तहत वर्ष 2016-17 में एक प्रतिशत से भी कम परिवारों को पूरे 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पाया है। यह भी अत्यंत चिंता का विषय है कि जिन मजदूरों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार मिल रहा है, उनके दिवस भी लगातार कम होते जा रहे हैं, जहां वर्ष 2015-16 में प्रदेश में मनरेगा कार्य दिवस का औसत 46 दिन था, वहीं वर्ष 2016-17 में वह घटकर 38 दिन रह गया है, कम दिवसों के साथ ही प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को काम भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है, वर्ष 2015-16 में जहां 30 लाख 24 हजार परिवारों ने मनरेगा के अंतर्गत कार्य मांगा था, वहीं सरकार मात्र 27 लाख परिवारों को ही काम मुहैया करा पायी थी। स्थिति यह है कि आज मजदूरों के सामने रोजी-रोटी और जीवन-यापन की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है।
श्री सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बेरोजगारी से त्रस्त काम मांगने वाले मजदूरों में वृद्धि की संख्या 32 लाख 61 हजार पहुंच गई हैं, वहीं सरकार केवल 25 लाख मजदूरों को ही काम दे पायी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार मजदूरों के बजाय मशीनों से मनरेगा के काम करवाकर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और प्रदेश का मजदूर पलायन करने पर मजबूर है, प्रदेश में मनरेगा योजना के उद्देश्य को भ्रष्ट अफसर पूरी तरह बट्टा लगा रहे हैं।
श्री रवि सक्सेना ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रदेश में मनरेगा में मजदूरों के बजाय मशीनों से कराये जाने वाले कार्य की जांच कराकर तत्काल इस पर रोक लगायी जाये तथा भ्रष्ट अधिकारियों के विरूद्व आपराधिक प्रकरण दर्ज कर दोषियों को दंडित किया जाये। मनरेगा मजदूरों की विगत छह माह से रूकी हुई लगभग 700 करोड़ रूपयों की मजदूरी की राशि का अविलंब भुगतान किया जाये, जिससे प्रदेश से बड़ी संख्या में मजदूरों का हो रहा पलायन रोका जा सके।

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