Sunday, 30 April 2017

देश में 2022 तक गरीबी मिटाने का लक्ष्य: एम.जे. अकबर

देश में 2022 तक गरीबी मिटाने का लक्ष्य: एम.जे. अकबर


केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री, एम.जे. अकबर ने कहा कि भारत में हिन्दू मुसलमान कोई अलग नहीं है। जब भूख लगती है तो हिन्दू और मुसलमान का मजहब नहीं देखा जाता है। देश में जाति के भेद को मिटाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि 2022 तक देश से गरीबी मिट जाए। श्री अकबर आज हुजूर विधानसभा की ग्राम पंचायत कालापानी (#kolar_road)में ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश के सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री श्री अकबर ने कहा कि देश में जो काम 70 साल में नहीं हुए वे अब हो रहे है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार गरीबों को सीधे सुविधाओं का लाभ दे रही है। बीच में बिचैलियों का खेल खत्म हो गया है, जो भी राशि अनुदान स्वरूप किसी को मिलती है वह उसके खाते में सीधे जा रही है। श्री अकबर ने कहा कि देश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपने को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बगीचा बहुत बड़ा है, इसमें अनेक पौधे है जो छोटे पौधे थे वे अब बड़े होकर नजर आने लगे हैं। मंत्री ने यह बात देश के विकास के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि आज कजलीखेड़ा में 45 लाख रूपये से जिस मंगल भवन बनाने की नींव रखी गई उसका लाभ ग्रामीणजनों को मिलेगा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने उक्त मंगल भवन में बाउन्ड्रीवाल एवं बिजली व्यवस्था हेतु सांसद के समक्ष 30 लाख रूपये की मांग रखी। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यहाँ स्ट्रक्चर तैयार हो जाए तो वह इस समस्या का समाधान कराने में पीछे नहीं हटेंगे। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री का विधायक रामेश्वर शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत ने स्वागत किया। मंगल भवन का निर्माण भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एमआईसी सदस्य भूपेन्द्र माली, पार्षद रविन्द्र यति, पाषर्द पवन बोराना, सरपंच रफ्फू खान, सरपंच सुरेश पटेल, सरपंच विजय पटेल, जनपद सदस्य कोमल तोमर, मंडल अध्यक्ष हरिनारायण पटेल, इकबाल पटेल, भाजपा नेता बालाराम मीणा, महेश लोधी, कुसुम शर्मा, अमित शुक्ला, ललित चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

No comments:
Write comments

Recommended Posts × +