एमएस धौनी के बल्ले से पुणे ने हैदराबाद की टीम को हराया
एमएस धौनी को जब से पुणे की कप्तानी से हटाया गया और उसके बाद उनका खराब फॉर्म आलोचकों के लिए बोलने का शानदार जरिया बन गया था। बस इंतजार था इस धुरंधर के लय में लौटने का और शनिवार शाम उन्होंने करारा जवाब देते हुए एक बार फिर दिखा दिया कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ फिनिशर क्यों माना जाता है।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम ने इस मैच में 177 रनों का लक्ष्य खड़ा किया था। हैदराबाद की टीम लय में है इसलिए ये लक्ष्य काफी मुश्किल नजर आ रहा था। जवाब देने उतरी पुणे की टीम 98 रन पर अपने तीन अहम विकेट गंवा चुकी थी और अब सारी उम्मीद आइपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बेन स्टोक्स और पूर्व कप्तान धौनी से थी। इसी बीच 121 के कुल स्कोर पर स्टोक्स भी 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। धौनी ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया था और अब अंतिम तीन ओवरों में पुणे को 47 रनों की जरूरत थी।
तीन ओवरों में 47 रन चाहिए थे। पारी का 18वां ओवर मोहम्मद सिराज ने किया जिस पर धौनी ने एक चौका और एक छक्का जड़ा जबकि मनोज तिवारी ने भी एक चौका जड़ा। इसके अलावा तीन सिंगल्स के दम पर इस ओवर में 17 रन आए।
इसके बाद 19वें ओवर में गेंद हैदराबाद के सबसे सफल गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के हाथों में थी जिसकी धुनाई इस आइपीएल में अब तक कोई नहीं कर पा रहा है। पहली गेंद वाइड गई जबकि धौनी ने अगली दो गेंदों पर चौके जड़ दिए और तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। फिर दो गेंदों पर सिंगल और अंतिम गेंद पर दो रन लेकर स्कोर 166 रन तक जा पहुंचा। इस ओवर में 19 रन आए। यानी अंतिम ओवर में 11 रन चाहिए।
एमएस धौनी को जब से पुणे की कप्तानी से हटाया गया और उसके बाद उनका खराब फॉर्म आलोचकों के लिए बोलने का शानदार जरिया बन गया था। बस इंतजार था इस धुरंधर के लय में लौटने का और शनिवार शाम उन्होंने करारा जवाब देते हुए एक बार फिर दिखा दिया कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ फिनिशर क्यों माना जाता है।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम ने इस मैच में 177 रनों का लक्ष्य खड़ा किया था। हैदराबाद की टीम लय में है इसलिए ये लक्ष्य काफी मुश्किल नजर आ रहा था। जवाब देने उतरी पुणे की टीम 98 रन पर अपने तीन अहम विकेट गंवा चुकी थी और अब सारी उम्मीद आइपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बेन स्टोक्स और पूर्व कप्तान धौनी से थी। इसी बीच 121 के कुल स्कोर पर स्टोक्स भी 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। धौनी ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया था और अब अंतिम तीन ओवरों में पुणे को 47 रनों की जरूरत थी।
तीन ओवरों में 47 रन चाहिए थे। पारी का 18वां ओवर मोहम्मद सिराज ने किया जिस पर धौनी ने एक चौका और एक छक्का जड़ा जबकि मनोज तिवारी ने भी एक चौका जड़ा। इसके अलावा तीन सिंगल्स के दम पर इस ओवर में 17 रन आए।
इसके बाद 19वें ओवर में गेंद हैदराबाद के सबसे सफल गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के हाथों में थी जिसकी धुनाई इस आइपीएल में अब तक कोई नहीं कर पा रहा है। पहली गेंद वाइड गई जबकि धौनी ने अगली दो गेंदों पर चौके जड़ दिए और तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। फिर दो गेंदों पर सिंगल और अंतिम गेंद पर दो रन लेकर स्कोर 166 रन तक जा पहुंचा। इस ओवर में 19 रन आए। यानी अंतिम ओवर में 11 रन चाहिए।

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