केंद्र सरकार ने वस्तुओं ओर सेवाओं की खरीद के दौरान दो लाख रुपये से
अधिक के नकद भुगतान पर लगने वाले टैक्स को खत्म कर दिया है। 1 अप्रैल से 2
लाख से ऊपर के नकद ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने के बाद यह फैसला किया गया है।वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में विक्रेता को दो लाख से अधिक की नकद बिक्री पर एक फीसदी टैक्स लेने का अधिकार दिया था। इसमें दो लाख रुपये की सोने-चांदी की नकद खरीद पर टैक्स लगा दिया गया था। जबकि पांच लाख रुपये की ज्वैलरी कैश में खरीदने पर इस टैक्स का प्रावधान था।
हालांकि पिछले महीने पेश किए गए 2017-18 के बजट में उन्होंने तीन लाख
रुपये के नकद ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी थी। अब इसकी सीमा घटा कर दो लाख कर
दी गई है। इन दोनों प्रावधानों को लागू करने के लिए ज्वैलरी समेत सभी
वस्तुओं और सामानों की खरीद के दौरान दो लाख रुपये से अधिक के नकद भुगतान
पर लगने वाला टैक्स खत्म कर दिया गया है।
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