पर्यावरण मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में आज पर्यावरण
विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। पर्यावरण विभाग के पृथक विभाग
बनने के बाद यह समिति की पहली बैठक थी। विधायक श्री संजीव उइके, प्रमुख
सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री मलय श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री राजीव शर्मा,
एप्को के कार्यपालक निदेशक श्री अनुपम राजन और सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण
बोर्ड श्री अच्युत मिश्रा भी मौजूद थे।
मंत्री श्री
आर्य ने कहा कि यह संयोग है कि विश्व जल दिवस पर पर्यावरण विभाग की पहली
परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई है। बैठक में बताया गया कि प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड प्रदेश में वायु-जल प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिये सतत
निगरानीरत है। पर्यावरण विभाग की अनुमति के बिना कोई भी भवन और कारखाना
नहीं स्थापित किया जा सकता। पहली बार प्रदेश में क्लीयरेंस के लिये ऑनलाइन
व्यवस्था हुई है, जिसमें एक बार आवेदन-पत्र देने के बाद आवेदक को कार्यालय
के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। बताया गया कि सिंहस्थ-2016 में प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड द्वारा क्षिप्रा की सतत ऑनलाइन निगरानी और जल गुणवत्ता
बनाये रखने की केन्द्र शासन द्वारा सराहना की गयी है।
मंत्री श्री
आर्य ने कहा कि यह संयोग है कि विश्व जल दिवस पर पर्यावरण विभाग की पहली
परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई है। बैठक में बताया गया कि प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड प्रदेश में वायु-जल प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिये सतत
निगरानीरत है। पर्यावरण विभाग की अनुमति के बिना कोई भी भवन और कारखाना
नहीं स्थापित किया जा सकता। पहली बार प्रदेश में क्लीयरेंस के लिये ऑनलाइन
व्यवस्था हुई है, जिसमें एक बार आवेदन-पत्र देने के बाद आवेदक को कार्यालय
के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। बताया गया कि सिंहस्थ-2016 में प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड द्वारा क्षिप्रा की सतत ऑनलाइन निगरानी और जल गुणवत्ता
बनाये रखने की केन्द्र शासन द्वारा सराहना की गयी है।
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