नर्मदा सेवा यात्रा इन दिनों सीहोर जिले में भ्रमण कर रही है। छीपानेर में
नर्मदा की प्रात: वंदना के पश्चात ग्राम चौरसाखेडी, सतदेव, टिगाली एवं
ग्राम सीलकंठ होती हुई नर्मदा सेवा यात्रा ग्राम मंडी पहुंची, जहां
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक ध्वज थाम कर यात्रा का स्वागत
किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसंवाद करते हुए कहा कि यह शासकीय
कार्यक्रम नहीं है। यह समाज का, जनता का कार्यक्रम हैं। सरकार तो पीछे है
क्योंकि नदी संरक्षण/ संवर्धन के वृहद लक्ष्य की पूर्ति व्यापक जन
सहभागिता से ही संभव होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्मदा नदी के
संरक्षण हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नर्मदा सेवामिशन गठित होगा साथ
ही नर्मदा सेवा समितियां, ब्लाक, जिला और संभाग स्तर पर भी गठित की जाएगी
जो निरंतर क्रियाशील रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो जुलाई,2017 को संतों
के मार्ग दर्शन में एक ही दिन लाखों लोग पौधारोपण करेंगे। दो वर्ष के अंदर
नर्मदा में मल-जल जाना पूरी तरह रोकेंगे। ट्रीटमेन्ट प्लांट जल शुद्ध कर
सिंचाई में उपयोग किया जाएगा। गौमाता की रक्षा हेतु भी विचार कर उपयुक्त
कदम उठाने होंगे। एक अप्रैल से नर्मदा तट के दोनों ओर की दुकानें बंद कर दी
जाएगी। उन्होंने कहा कि शीध्र ही प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि बदलना है मध्यप्रदेश को सभी के सहयोग से। दिल्ली से पधारे
संत डॉ. एम.डी.थामस ने मुख्यमंत्री के कार्यों एवं विचारों की सराहना करते
हुए कहा कि मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्योदय का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री को
जाता है। उन्होंने इस अभियान को जनांदोलन का रूप देने का सफलतापूर्वक
कार्य किया है। मालवा के प्रसिद्ध संत पंडित कमल किशोर नागर ने कहा कि
आदिकाल में सृष्टि के कल्याण हेतु भगवान शिव की सोच और तप से नर्मदा की
उत्पत्ति हुई और कलिकाल में सही सोच केवल शिवराज जी ने की है। उन्होंने
मुख्यमंत्री को युग पुरूष की संज्ञा देते हुए उनकी रीति - नीति की सराहना
की। पं. नागर ने गौ रक्षा, नर्मदा संरक्षण, बेटी बचाओ आदि मुद्दों पर
व्यापक मार्गदर्शन दियाTuesday, 21 March 2017
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित होगी प्रदेश स्तरीय नर्मदा सेवा मिशन
नर्मदा सेवा यात्रा इन दिनों सीहोर जिले में भ्रमण कर रही है। छीपानेर में
नर्मदा की प्रात: वंदना के पश्चात ग्राम चौरसाखेडी, सतदेव, टिगाली एवं
ग्राम सीलकंठ होती हुई नर्मदा सेवा यात्रा ग्राम मंडी पहुंची, जहां
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक ध्वज थाम कर यात्रा का स्वागत
किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसंवाद करते हुए कहा कि यह शासकीय
कार्यक्रम नहीं है। यह समाज का, जनता का कार्यक्रम हैं। सरकार तो पीछे है
क्योंकि नदी संरक्षण/ संवर्धन के वृहद लक्ष्य की पूर्ति व्यापक जन
सहभागिता से ही संभव होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्मदा नदी के
संरक्षण हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नर्मदा सेवामिशन गठित होगा साथ
ही नर्मदा सेवा समितियां, ब्लाक, जिला और संभाग स्तर पर भी गठित की जाएगी
जो निरंतर क्रियाशील रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो जुलाई,2017 को संतों
के मार्ग दर्शन में एक ही दिन लाखों लोग पौधारोपण करेंगे। दो वर्ष के अंदर
नर्मदा में मल-जल जाना पूरी तरह रोकेंगे। ट्रीटमेन्ट प्लांट जल शुद्ध कर
सिंचाई में उपयोग किया जाएगा। गौमाता की रक्षा हेतु भी विचार कर उपयुक्त
कदम उठाने होंगे। एक अप्रैल से नर्मदा तट के दोनों ओर की दुकानें बंद कर दी
जाएगी। उन्होंने कहा कि शीध्र ही प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि बदलना है मध्यप्रदेश को सभी के सहयोग से। दिल्ली से पधारे
संत डॉ. एम.डी.थामस ने मुख्यमंत्री के कार्यों एवं विचारों की सराहना करते
हुए कहा कि मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्योदय का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री को
जाता है। उन्होंने इस अभियान को जनांदोलन का रूप देने का सफलतापूर्वक
कार्य किया है। मालवा के प्रसिद्ध संत पंडित कमल किशोर नागर ने कहा कि
आदिकाल में सृष्टि के कल्याण हेतु भगवान शिव की सोच और तप से नर्मदा की
उत्पत्ति हुई और कलिकाल में सही सोच केवल शिवराज जी ने की है। उन्होंने
मुख्यमंत्री को युग पुरूष की संज्ञा देते हुए उनकी रीति - नीति की सराहना
की। पं. नागर ने गौ रक्षा, नर्मदा संरक्षण, बेटी बचाओ आदि मुद्दों पर
व्यापक मार्गदर्शन दिया
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