घूमना छोड़ें, युद्ध की तैयारी करें मोदी: शंकराचार्य
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वे विदेश घूमना छोड़कर पाकिस्तान से युद्ध की तैयारी करें। समय रहते युद्ध की तैयारी और इसके लिए देश के लोगों को मानसिक रूप से तैयार करना बहुत जरूरी है। यह बात द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने सोमवार को भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही।बाणगंगा स्थित आश्रम में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी की सरकार कांग्रेस शासन के दौरान हुई गलतियों को सुधार कर सही विदेश नीति अपनाएगी लेकिन लगता है नई सरकार की विदेश नीति आधारहीन है। पं. जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि देश की आजादी से लेकर उसके विकास में पं. नेहरू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन उनके द्वारा चीन के साथ किए गए पंचशील समझौते का खामियाजा देश का भुगतना पड़ा था और 1962 के युद्ध में देश की हार हुई थी। उन्होंने उरी में हुए हमले पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं इसलिए चिंताजनक है क्योंकि इनसे हमारे सैनिकों के मनोबल गिरने का खतरा पैदा होता है। शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को कश्मीरी पंडितों की कश्मीर में पुन: बसाए जाने की योजना पर गंभीरता से विचार कर उस पर अमल करना चाहिए। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में है और वहां मंदिर साधु-संत ही बनाएंगे। सरकारें अपने आप को धर्म निरपेक्ष बताती है, फिर ये मंदिर बनाने की भी बात करें, तो समझ से परे है। उन्होंने कहा कि वे शिरडी में भूमि की तलाश कर रहे है। भूमि मिलते ही वहां सुदर्शन मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
शंकराचार्य के मीडिया ब्रह्मचारी रामानंद के अनुसार रविवार को स्वामी स्वरूपानंद एयर इंडिया के विमान द्वारा नई दिल्ली से भोपाल आ रहे थे। इस दौरान नई दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात सिक्यूरिटी टीम ने महाराज के साथ बदसलूकी एवं बदतमीजी की। इससे नाराज स्वामीजी का कहना है कि सिक्योरिटी स्टाफ इस घृणित कृत्य के लिए लिखित में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वे विदेश घूमना छोड़कर पाकिस्तान से युद्ध की तैयारी करें। समय रहते युद्ध की तैयारी और इसके लिए देश के लोगों को मानसिक रूप से तैयार करना बहुत जरूरी है। यह बात द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने सोमवार को भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही।बाणगंगा स्थित आश्रम में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी की सरकार कांग्रेस शासन के दौरान हुई गलतियों को सुधार कर सही विदेश नीति अपनाएगी लेकिन लगता है नई सरकार की विदेश नीति आधारहीन है। पं. जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि देश की आजादी से लेकर उसके विकास में पं. नेहरू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन उनके द्वारा चीन के साथ किए गए पंचशील समझौते का खामियाजा देश का भुगतना पड़ा था और 1962 के युद्ध में देश की हार हुई थी। उन्होंने उरी में हुए हमले पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं इसलिए चिंताजनक है क्योंकि इनसे हमारे सैनिकों के मनोबल गिरने का खतरा पैदा होता है। शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को कश्मीरी पंडितों की कश्मीर में पुन: बसाए जाने की योजना पर गंभीरता से विचार कर उस पर अमल करना चाहिए। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में है और वहां मंदिर साधु-संत ही बनाएंगे। सरकारें अपने आप को धर्म निरपेक्ष बताती है, फिर ये मंदिर बनाने की भी बात करें, तो समझ से परे है। उन्होंने कहा कि वे शिरडी में भूमि की तलाश कर रहे है। भूमि मिलते ही वहां सुदर्शन मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
शंकराचार्य के मीडिया ब्रह्मचारी रामानंद के अनुसार रविवार को स्वामी स्वरूपानंद एयर इंडिया के विमान द्वारा नई दिल्ली से भोपाल आ रहे थे। इस दौरान नई दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात सिक्यूरिटी टीम ने महाराज के साथ बदसलूकी एवं बदतमीजी की। इससे नाराज स्वामीजी का कहना है कि सिक्योरिटी स्टाफ इस घृणित कृत्य के लिए लिखित में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।
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