Wednesday, 7 September 2016

मंत्रियों पर फूटा पदाधिकारियों का गुस्सा, चढ़ा पचमढ़ी का पारा

मंत्रियों पर फूटा पदाधिकारियों का गुस्सा, चढ़ा पचमढ़ी का पारा

पचमढ़ी में चल रही चिंतन बैठक में मंत्रियों के रवैये पर संगठन पदाधिकारियों ने जमकर भड़ास निकाली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की मौजूदगी में ही कई पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्रियों का रवैया संगठन के पदाधिकारियों के प्रति बेहद उपेक्षाभरा है। वे संगठन के नेताओं से मिलने से भी परहेज करते हैं। कार्यकर्ताओं के कामों का लेकर भी उनका रवैया बेहद असहयोगात्मक रहता है। इसके साथ ही ब्यूरोके्रसी पर संगठन पदाधिकारियों ने बरसते हुए कहा कि जिलों के कलेक्टर संगठन पदाधिकारियों से मिलते तक नहीं है और उन्हें घंटों चेम्बर के बाहर इंतजार कराते हैं।दो दिन से चल रही बैठके आज दूसरे दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश पदाधिकारियों के सुझाव और शिकायतें सुनने पहुंचे थे। सूत्रों की माने तो वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार और किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन के रवैये को लेकर पदाधिकारियों से सर्वाधिक शिकायतें की और कहा कि वे केवल अपने लोगों से घिरे रहते हैं और संगठन नेताओं की बात सुनने की बजाए अफसरों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। संगठन नेताओं का कहना था कि ये मंत्री बंगले पर भी कार्यकर्ताओं से मिलने में परहेज करते हैं।कार्यकर्ताओं को दस मिनट भी नहीं देते मंत्री: सीएम के सामने आज भाजपा के कई पदाधिकारियों ने अपनी भड़ास निकाली। नेताओं का कहना था कि सीएम के निर्देश के बावजूद मंत्री प्रभार वाले जिलों में नहीं रुक रहे हैं। वे एक दो घंटे रुकर वापस आ जाते हैं। कार्यकर्ताओं को दस मिनट भी नहीं देते। नेताओं ने शिकायत की कि प्रभारी मंत्री के दौरे की सूचना भी जिला संगठन को एक दिन पहले ही मिलती है जिससे यह सूचना पूरे जिले तक नहीं पहुंच पाती। संगठन नेताओं ने इस मामले में नए सिरे से निर्देश जारी करने की मांग की।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रभारी मंत्रियों के जिले में दौरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। अब यह भी अनिवार्य किया जाएगा कि वे अपने दौरे के समय कम से कम दो घंटे भाजपा कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की न सिर्फ बात सुनें बल्कि उसकी समस्या का निराकरण भी करें। सीएम ने कहा कि सत्ता और संगठन के समन्वय से ही हम चौथी बार सरकार बनाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि संगठन प्रभारी भी जिलों के दौरे करें और समन्वय कैसे बने इस पर खास फोकस रखें। आज सुबह करीब दस बजे पचमढ़ी पहुंचे सीएम ने होटल हाईलैंड में करीब दो घंटे से अधिक समय तक प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों से सीधे चर्चा कर उनसे सुझाव लिए।

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