Tuesday, 6 September 2016

मुख्यमंत्री से मिले ब्रिटिश हाई कमिश्नर, निवेश पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री से मिले ब्रिटिश हाई कमिश्नर, निवेश पर हुई चर्चा 

ब्रिटिश हाई कमिश्नर कुमार अय्यर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को राजधानी स्थित मंत्रालय में मुलाकात की। इस दौरान डी.एफ.आई.डी के कन्ट्री हेड मार्शल इलियट भी उपस्थित रहे। हाई कमिश्नर ने मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना पर चर्चा की और यहां निवेश की इच्छा जताई।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पूँजी निवेश के लिये बेहतर वातावरण, उद्योग मित्र नीति और अधोसंरचना उपलब्ध है। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आदर्श प्रदेश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्यप्रदेश देश का सबसे तेजी से विकसित प्रदेश है। मेक इन एम.पी. कार्यक्रम के लिये आगामी अक्टूबर माह में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही है। डी.एफ.आई.डी के माध्यम से इंग्लेंड प्रदेश में बहुत पहले से कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिये होने वाली उनकी इंग्लेंड यात्रा का फोकस स्मार्ट सिटी और स्किल डेवलपमेंट रहेगा। प्रदेश के सात शहरों का चयन स्मार्ट सिटी के रूप में किया गया है। प्रदेश के अन्य शहरों को भी स्मार्ट बनाया जायेगा। प्रदेश में अगले तीन वर्ष में नगरीय विकास के क्षेत्र में 75 हजार करोड़ रूपये खर्च होंगे। ग्रामीण क्षेत्र में समूह पेयजल योजनाओं पर 18 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। प्रदेश में ई-टेंडरिंग की पारदर्शी प्रणाली लागू है।सीएम ने इन्वेस्टर्स समिट में इंग्लेंड से अधिक से अधिक निवेशकों के शामिल होने की उम्मीद जताई। लन्दन में यू.के. इन्वेस्टर्स बिजनेस काउंसिल के सहयोग से इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जायेगी। निवेश के साथ रोजगार सृजन के अवसर बढ़ाने पर जोर है।चर्चा के दौरान ब्रिटिश हाई कमिश्नर श्री अय्यर ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में इंग्लेंड पार्टनर कंट्री रहेगा। इंग्लेंड द्वारा देश में तीन स्मार्ट सिटी के लिये सहयोग किया जा रहा है, उसमें इंदौर शामिल है। स्मार्ट सिटी के अलावा वाटर ट्रीटमेंट और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग किया जा सकता है। इंग्लेंड के विदेशी पूँजी निवेश का दस प्रतिशत भारत में निवेशित है। उनके देश की औद्योगिक कम्पनियाँ गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है। ये कंपनियाँ मध्यप्रदेश में आ सकती हैं।चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग मोहम्मद सुलेमान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा और सचिव विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे।

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