Thursday, 1 September 2016

अब उप्र के विधायकों को हर माह मिलेगा 1.95 लाख वेतन

अब उप्र के विधायकों को हर माह मिलेगा 1.95 लाख वेतन

उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों के वेतन बढ़ाने का विधेयक गुरुवार को सर्वसम्मति से पारित हो गया। अब सूबे के प्रत्येक विधायक को हर माह एक लाख 95 हजार रुपये वेतन और भत्ते के रूप में मिलेंगे। मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में दो विधेयक और पारित हुए। इसके बाद विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी।प्रदेश की सपा सरकार ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर राज्य विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के सदस्यों के वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी का फैसला लिया था। सरकार के इस फैसले को लागू करने के लिए संसदीय कार्यमंत्री मो0 आजम खान ने बुधवार को विधानसभा में उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्यों की उपलब्धियों और पेंशन, संशोधन विधेयक 2016 पेश किया था। इस विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ा दी गयी थी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों की सैलरी बढ़ाने का बिल भी सदन में पेश किया गया था।इस विधेयक में विधानमंडल सदस्यों के मूल वेतन में ढाई गुना की वृद्धि का प्रस्ताव है। वर्तमान में विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों का मूल वेतन दस हजार रुपये है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
इसी प्रकार निर्वाचन क्षेत्र भत्ते को हर माह 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया है। चिकित्सा भत्ते को 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार और सचिव भत्ता 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिए जाने का प्रस्ताव है। विधेयक में मौजूदा विधायकों को मिलने वाले रेल कूपन भत्ते को सालाना 3.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 4.25 लाख रुपये कर दिए जाने की व्यवस्था की गयी है, जिसमे से मासिक 25 हजार रुपये तक की धनराशि निजी वाहन के डीजल, पेट्रोल के लिए ली जा सकेगी। विधायकों को सदन की बैठक में भाग लेने के लिए अब प्रतिदिन एक हजार के बदले दो हजार रुपये दैनिक भत्ता मिलेगा, जबकि विधायी समितियों की बैठक में दैनिक भत्ते की राशि 800 से बढाकर 1500 रूपये करने का प्रस्ताव है।अब हर विधायक को प्रत्येक माह एक लाख 25 हजार रुपये वेतन व भत्ते के रुप में मिलेंगे। लेकिन, इसमें कंडीशनल भत्तों को जोड़ने पर यह धनराशि करीब एक लाख 95 हजार रुपये होगी।

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