विकास के लिए क्रांतिकारियों जैसे जोश, जुनून और जज्बे की जरूरत: सीएम शिवराज
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों को
संबोधित करते हुए कहा है कि प्रदेश के विकास के लिये वैसे ही जोश, जूनून
और जज्बे की जरूरत है जैसा स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों ने दिखाया
था। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन
पूरी निष्ठा से करें और नये संकल्प के साथ मध्यप्रदेश के विकास में जुट
जायें।स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को
शुभकामनाएँ देते हुए अपने संदेश में श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के विकास
और लोगों की तरक्की के समर्पित प्रयासों की यात्रा निरंतर जारी है। श्री
चौहान ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों को नमन किया। श्री चौहान
ने सोमवार को राजधानी के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस के
राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली।श्री
चौहान ने रोजगार की नई संभावनाएँ चिन्हित करने और पात्र लोगों को रोजगार
पाने में मदद करने के लिये रोजगार केबिनेट बनाने की घोषणा की। इसके लिये
अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगियों को स्थायी
कर्मियों के रूप में लिया जायेगा ताकि उन्हें भी वेतनमान, वेतन वृद्धि और
मंहगाई भत्ता आदि की सुविधाएँ मिलेंगी। साथ ही उनकी योग्यतानुसार अन्य
विभागों में उनका समायोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कार्यभारित
कर्मियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ
मिलेगा। शासकीय कर्मियों को सातवाँ वेतनमान दिया जायेगा। श्री चौहान ने
सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने की भी घोषणा की।प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी द्वारा अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जन्म स्थली आजादनगर, अलीराजपुर से
"याद करो कुर्बानी" कार्यक्रम के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल
में शौर्य स्मारक एवं धावाबावड़ी, बड़वानी, में भीमा नायक स्मारक का शीघ्र
लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी
लोकप्रिय वैश्विक नेता के रूप में उभरे हैं जिनके नेतृत्व में दुनियाभर में
भारत की साख बढ़ी है।श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे समतामूलक समाज
की स्थापना के लिये प्रतिबद्ध है जिसमें बिना भेदभाव के सभी सभी को विकास
का लाभ मिले। मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने
कहा कि प्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक विकास दर प्रचलित
मूल्यों पर निरंतर दो अंकों में बनी हुई हैमुख्यमंत्री ने कहा कि
मध्यप्रदेश आनंद विभाग गठित करने वाला देश का पहला राज्य है। इसी के
अंतर्गत राज्य आनंद संस्थान भी बनाया गया है। किसानों के हितों के संरक्षण
के लिये अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री चौहान ने कहा कि विगत वर्ष
प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों को 5000 करोड़ से अधिक की राहत राशि भी
वितरित की गई। कृषि से जुड़े क्षेत्रों में किये गये प्रयासों को रेखांकित
करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में जहाँ देश में दुग्ध उत्पादन की
वार्षिक वृद्धि दर 6.27 प्रतिशत थी, वहीं मध्यप्रदेश की वृद्धि दर 12.70
प्रतिशत रही है।

No comments:
Write comments