अन्तिम सोमवार पर बाबा दरबार में देशभक्ति की बयार, भारत माता की जय से गूंजी काशी
पुराधिपति की नगरी काशी में सावन के अंतिम सोमवार पर देशभक्ति पूर्ण माहौल में एक बार फिर कंकर-कंकर शंकर का नजारा रहा।बाबा के चौखट से लेकर जिले के अन्तिम छोर के शिवालय में बस ‘‘हर-हर महादेव काशी, काशी विश्वनाथ गंगे’’ बोल बम की गूंज के साथ अखन्ड जलधार रूद्राभिषेक हवन पूजन होता रहा। श्रावण मास की अंतिम सोमवारी और आजादी के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी शिवभक्त आजादी के जश्न मंे डूबे रहे। हाथ में कांवर तो सिर पर तिरंगा टोपी, हाथों में तिरंगा बैंड हर-हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष के साथ ‘भारत माता की जय’ का नारा से गुजांयमान था।बाबा दरबार में भोर की मंगला आरती के बाद पट खुलते ही शिवभक्तों का उत्साह देखते बन रहा था। काशी विश्वनाथ मंदिर नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह 11 बजे भोग आरती से पहले ही लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन- अभिषेक कर लिया था। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष और बोल-बम के नारों से गूंजता रहा। उत्साह व उमंग से सभी लबरेज और दो किलोमीटर लंबी कतार से पार पाने के बाद भी थकान का नाम तक नहीं। बाबा के ज्योतिर्लिग की दरश परश के लिए श्रद्धा की अटूट कतार। नंगे पांव पसीना से भीगा बदन-ललाट पर चंदन-हाथों में गंगजल और दूध की धार, बिल्व पत्र व धतूरे की माला चढ़ाकर भक्त खुद को धन्य मानते रहे।इस दौरान कांवरियों की सुरक्षा की कमान एसएसपी आकाश कुलहरि जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द, सीटी एसपी सुधाकर यादव ने सभांल रखी थी। गोदौलिया चैराहे से लेकर मंदिर और गंगाघाट तक भारी फोर्स के साथ चक्रमण करते रहे। उधर हजारों श्रद्धालु बीते रविवार की शाम से ही बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक के लिए बांसफाटक गोदौलिया बैरिकंेटिग में कतार बद्ध हो गये थे। पूरी रात बाबा के दर्शन का इंतजार करते रहे। इस दौरान हर-हर महादेव का गगनभेदी उद्घोष से पूरा मंदिर परिक्षेत्र गुजांयमान रहा। मंगला आरती के बाद बाबा दरबार का पट खुलते ही देश के विभिन्न जिले प्रान्त से आए शिवभक्त और कांवरिये छत्ताद्वार, ढुंढिराज गणेश, बास फाटक, सरस्वती फाटक से होकर मंदिर पंहुचे।नगर के साथ ही ग्रामीण अंचल के शिवालय सावन के अंतिम सोमवार को बम-बम करते रहे। बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, दारानगर में महामृत्युंजय महादेव मंदिर, कर्दमेश्वर महादेव, वनखंडी महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव, गौरीकेदारेश्वर, तिलभांडेश्वर महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओंकारेश्वर महादेव, जागेश्वर मंदिर, सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर, अस्सी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, अर्दली बाजार के महाबीर मंदिर समेत अन्य शिवालयों में जलाभिषेक को सुबह से रात तक भक्तों की भीड़ रही। कंदवा में कर्दमेश्वर महादेव, हरहुआ केरामेश्वरतीर्थ, डीरेका के शिवकाली मंदिर व शिव मंदिर, दरेखू के प्राचीन शिव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। शिवालयों में आकर्षक ढंग से सजावट की गई थी। चैबेपुर कैथी स्थित मार्कडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने वालों की भीड़ रविवार की मध्यरात्रि से ही उमड़ पड़ी थी। ‘‘हर -हर महादेव’’ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया था। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन-जलाभिषेक किया, महामृत्युंजय जाप कराया। बच्चों का मुंडन और सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी। इस दौरान पूरे क्षेत्र में मेला लगा रहा। इसमें लोगों ने खरीदारी भी की।
पुराधिपति की नगरी काशी में सावन के अंतिम सोमवार पर देशभक्ति पूर्ण माहौल में एक बार फिर कंकर-कंकर शंकर का नजारा रहा।बाबा के चौखट से लेकर जिले के अन्तिम छोर के शिवालय में बस ‘‘हर-हर महादेव काशी, काशी विश्वनाथ गंगे’’ बोल बम की गूंज के साथ अखन्ड जलधार रूद्राभिषेक हवन पूजन होता रहा। श्रावण मास की अंतिम सोमवारी और आजादी के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी शिवभक्त आजादी के जश्न मंे डूबे रहे। हाथ में कांवर तो सिर पर तिरंगा टोपी, हाथों में तिरंगा बैंड हर-हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष के साथ ‘भारत माता की जय’ का नारा से गुजांयमान था।बाबा दरबार में भोर की मंगला आरती के बाद पट खुलते ही शिवभक्तों का उत्साह देखते बन रहा था। काशी विश्वनाथ मंदिर नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह 11 बजे भोग आरती से पहले ही लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन- अभिषेक कर लिया था। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष और बोल-बम के नारों से गूंजता रहा। उत्साह व उमंग से सभी लबरेज और दो किलोमीटर लंबी कतार से पार पाने के बाद भी थकान का नाम तक नहीं। बाबा के ज्योतिर्लिग की दरश परश के लिए श्रद्धा की अटूट कतार। नंगे पांव पसीना से भीगा बदन-ललाट पर चंदन-हाथों में गंगजल और दूध की धार, बिल्व पत्र व धतूरे की माला चढ़ाकर भक्त खुद को धन्य मानते रहे।इस दौरान कांवरियों की सुरक्षा की कमान एसएसपी आकाश कुलहरि जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द, सीटी एसपी सुधाकर यादव ने सभांल रखी थी। गोदौलिया चैराहे से लेकर मंदिर और गंगाघाट तक भारी फोर्स के साथ चक्रमण करते रहे। उधर हजारों श्रद्धालु बीते रविवार की शाम से ही बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक के लिए बांसफाटक गोदौलिया बैरिकंेटिग में कतार बद्ध हो गये थे। पूरी रात बाबा के दर्शन का इंतजार करते रहे। इस दौरान हर-हर महादेव का गगनभेदी उद्घोष से पूरा मंदिर परिक्षेत्र गुजांयमान रहा। मंगला आरती के बाद बाबा दरबार का पट खुलते ही देश के विभिन्न जिले प्रान्त से आए शिवभक्त और कांवरिये छत्ताद्वार, ढुंढिराज गणेश, बास फाटक, सरस्वती फाटक से होकर मंदिर पंहुचे।नगर के साथ ही ग्रामीण अंचल के शिवालय सावन के अंतिम सोमवार को बम-बम करते रहे। बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, दारानगर में महामृत्युंजय महादेव मंदिर, कर्दमेश्वर महादेव, वनखंडी महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव, गौरीकेदारेश्वर, तिलभांडेश्वर महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओंकारेश्वर महादेव, जागेश्वर मंदिर, सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर, अस्सी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, अर्दली बाजार के महाबीर मंदिर समेत अन्य शिवालयों में जलाभिषेक को सुबह से रात तक भक्तों की भीड़ रही। कंदवा में कर्दमेश्वर महादेव, हरहुआ केरामेश्वरतीर्थ, डीरेका के शिवकाली मंदिर व शिव मंदिर, दरेखू के प्राचीन शिव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। शिवालयों में आकर्षक ढंग से सजावट की गई थी। चैबेपुर कैथी स्थित मार्कडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने वालों की भीड़ रविवार की मध्यरात्रि से ही उमड़ पड़ी थी। ‘‘हर -हर महादेव’’ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया था। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन-जलाभिषेक किया, महामृत्युंजय जाप कराया। बच्चों का मुंडन और सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी। इस दौरान पूरे क्षेत्र में मेला लगा रहा। इसमें लोगों ने खरीदारी भी की।
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